नई SIT जांच से पहले सक्रिय हुए चंपत राय, बंद कमरों में बैठक से उठे सवाल
Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं. मंगलवार को वो तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से मुलाक़ात की.

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के करीब दो महीने बाद राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सक्रिय नजर आ रहे हैं. पिछले दो दिनों से वह अयोध्या के विभिन्न प्रमुख मंदिरों और संतों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं. इन मुलाकातों के दौरान कई बैठकें बंद कमरे में हो रही हैं, जिससे चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है.
मंगलवार को चंपत राय तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य से करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में मुलाकात की. बैठक के बाद परमहंस आचार्य ने चंपत राय की भूमिका की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि साधु-संतों के आग्रह पर उन्होंने जीवनभर अयोध्या में ही रहने का संकल्प दोहराया है.
चंपत राय ने बंद कमरे में की संतों से बात
इस दौरान चंपत राय का मीडिया के प्रति पुराना तेवर भी देखने को मिला. मीडिया कर्मियों को देखते ही उन्होंने उंगली से इशारा कर कैमरे बंद करने और वहां से चले जाने को कहा. इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद करा दिया गया और बैठक निजी तौर पर जारी रही. जिसे लेकर कई तरह के क़यास लगने शुरू हो गए हैं.
नई SIT जाँच से पहले सक्रिय हुए चंपत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी का गठन हो चुका है और उसके जल्द अयोध्या पहुंचने की संभावना है. ऐसे समय में चंपत राय की लगातार संतों से हो रही बंद कमरे की मुलाकातें और मीडिया से उनकी दूरी कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही हैं. हालांकि, इन बैठकों के विषय में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
वहीं दूसरी तरफ दान चोरी के मुद्दे को लेकर प्रदेश की सियासत भी गर्म हैं. समाजवादी पार्टी लगातार संसद से लेकर यूपी विधानसभा तक इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर बनी हुई है.
यूपी में न्यूनतम मजदूरी तय, ओवरटाइम करने पर देना होगा दोगुना भुगतान























