अमेठी में छोटे भाई पर लगा बड़े भाई की हत्या का आरोप, जिंदा जलाकर उतारा मौत के घाट
Amethi News: अमेठी में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां छोटे भाई पर बड़े भाई को जिंदा जलाकर मार डालने का आरोप लगा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां जमीन विवाद को लेकर छोटे भाई पर अपने ही सगे बड़े भाई को जिंदा जलाकर हत्या करने का आरोप लगा है. यह सनसनीखेज घटना बुधवार (24 दिसंबर) की देर रात अमेठी थाना क्षेत्र के सुंदरपुर दरखा गांव की है.
गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति की इलाज के दौरान गुरुवार (25 दिसंबर) को मौत हो गई. मृतक की भाभी की तहरीर पर पुलिस अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है.
पूरा मामला क्या है?
अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सुंदरपुर दरखा गांव में बीते बुधवार (24 दिसंबर) को राम सजीवन गुप्ता पुत्र राजाराम गुप्ता घर से 100 मीटर दूर छप्पर के मकान में सो रहे थे. करीब 9:30 बजे वहां पर अचानक आग लग गई. मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी में मशक्कत के बाद जब तक आग पर काबू पाया तब तक राम सजीवन गंभीर रूप से झुलस गए थे.
इसके बाद परिजन तत्काल राम सजीवन को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे. जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद गंभीर हालत में झुलसे राम सजीवन को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. जहां पर इलाज के दौरान गुरुवार (24 दिसंबर) को राम सजीवन की मौत हो गई.
जिंदा जलाने का लगा आरोप
मृतक राम सजीवन की भाभी फूलपती देवी पत्नी कालिका प्रसाद गुप्ता ने अमेठी कोतवाली पुलिस को तहरीर दी. तहरीर में बताया कि जमीनी रंजिश में बुधवार की रात योजनाबद्ध तरीके से राम सजीवन के ही सगे भाई जगन्नाथ गुप्ता और उनके पुत्र सचिन गुप्ता व सतीश गुप्ता ने राम सजीवन के छप्पर में आग लगा दी।
आग तेजी से फैल गई और राम सजीवन उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए वह हल्ला-गुहार करते हुए वहां से भागे। शोर सुनकर जब प्रार्थिनी फूलपती देवी घटनास्थल की ओर दौड़ीं तो उन्होंने देखा कि आरोपी चोरी-छिपे अपने घर की ओर भाग रहे थे।
परिजनों की मदद से पहुंचाया मृतक को अस्पताल
परिजनों और ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल राम सजीवन को एंबुलेंस द्वारा जिला चिकित्सालय गौरीगंज ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान गुरुवार को राम सजीवन की मृत्यु हो गयी। उन्होंने बताया कि इन दोनों के मध्य जमीन के विवाद को लेकर पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी है.
मृतक राम सजीवन गुप्ता की पत्नी की छह महीने पूर्व मृत्यु हो चुकी है. इसके बाद से वह अपने चार साल के पुत्र को साथ में लेकर रह रहा था. घटना के दिन उसका पुत्र अपने मामा के यहां गया हुआ था वह घर पर नहीं था. जिससे उसकी जान बच गई. नहीं तो इस अग्निकांड की चपेट में वह भी आ जाता.
पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?
इस घटना के संबंध में अमेठी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह ने बताया कि फूलपति की तहरीर पर शुक्रवार (26 दिसंबर) को तीन नामजद अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
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Source: IOCL






















