डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के दरी वाले बयान पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- 'इनका पुराना अनुभव...'
UP Politics: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिखा तीखा जबाब दिया है. उन्होंने कहा कि ये इनकी दरी बिछाने का अनुभव बोल रहा है, पहले कहीं और बिछाते थे, वहां कोई पूछ नहीं रहा.

- डिप्टी सीएम के मुस्लिम वोटरों पर बयान पर सपा प्रमुख का तीखा जवाब.
- अखिलेश ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया.
- ब्राह्मणों के खिलाफ अत्याचार और पीडीए के अपमान पर घेरा.
- बृजेश पाठक के बयान को राजनीतिक आत्महत्या बताया.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष खासकर सपा के बीच लगातार बयानबाजी जारी है. जिसमें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सपा को निशाना बनाते हुए मुस्लिम वोटरों की ओर इशारा करते कहा था कि अब्दुल कब तक सपा की दरी बिछाने का काम करेगा. इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिखा तीखा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ये इनकी दरी बिछाने का अनुभव बोल रहा है, पहले कहीं और बिछाते थे, वहां कोई पूछ नहीं रहा.
दरअसल, एबीपी न्यूज में चित्रा त्रिपाठी को दिए एक इंटरव्यू में बृजेश पाठक ने कहा था कि अब्दुल कब तक सपा के लिए दरी बिछाता रहेगा. वहीं अब इसके जवाब में अखिलेश यादव ने बृजेश पाठक पर तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया है. जिसमें सरकार में स्थिति के साथ ही कई और मुद्दों पर घेरा है, खासकर प्रदेश में ब्राह्मणों के खिलाफ अत्याचार का मुद्दा उठाया. जिसमें शंकराचार्य अविमुक्तेशारानंद का उदहारण दिया.
Watch | यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा को बताया- 'दो टके की पार्टी'@Chitraaum | @brajeshpathakup#CharchaWithChitra #ChitraTripathiOnABP #BrajeshPathak #UPPolitics #Opposition #BJP #SamajwadiParty #ABPNews pic.twitter.com/N2any7Ddvq
— ABP News (@ABPNews) April 11, 2026
अखिलेश यादव का बयान
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को ही निशाना बनाया है, जिसमें उन्होंने मुस्लिमो को दरी बिछाने की बात कही थी. अखिलेश यादव ने लिखा, हार की हताशा, बिगाड़ती है भाषा. ये इनका दरी बिछाने का अनुभव बोल रहा है, पहले कहीं और बिछाते थे, जब वहां कोई पूछ नहीं रह गयी तो आज जहां आये वहां तो दरी बिछाने लायक भी नहीं रह गये. इन्हें ही सपाट करके दरी बना दिया गया, जिसपर चलकर लोग कहां से कहां पहुंच गए.”
स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए जो बृजेश पाठक के ही पास है. बोले, “इनके कुवचनों पर हम क्रोध नहीं करेंगे बल्कि सहानुभूति रखते हैं क्योंकि आजकल ये अस्त-व्यस्त और असंतुलित चल रहे हैं. इनका मंत्रालय कौन सा है, इन्हें ये भी याद नहीं होगा तभी वो बीमार-सा पड़ा है और ये चलाचली की इस अंतिम बेला में अपने भ्रष्टाचार के बिखरे सिक्के बटोरने में ही लगे हुए हैं.”
ब्राहमण उत्पीड़न का मुद्दा उठाया
प्रदेश में ब्राहमण समाज के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर भी अखिलेश ने घसीटा. लिखा, “इनकी हालत इसलिए भी ज़्यादा ख़राब है क्योंकि इनके मुखिया की ‘हाता नहीं भाता’ की सालों पुरानी प्रतिशोधकारी कुनीति के कारण परम पूज्य शंकराचार्य जी और उनके बटुकों के घोर अपमान के बावजूद भी अपने स्वार्थवश ये बस राजनीतिक लाभ उठाने में ही लगे रहे. इनकी ‘बाटी-बैठक’ तक पर जो नोटिस आया तब भी इन्होंने उसको अपने नोटिस में नहीं लिया बल्कि अपने समाज से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया. यही कारण है कि अब सनातन और अपने समाज, दोनों से इनका पूरी तरह ‘मानसिक बहिष्कार’ कर दिया गया है, अब ये किसी घाट के नहीं रहे. जाएं तो जाएं कहाँ? “
आगे कहा कि हम तो शालीनता और सभ्यता से बस यही पूछेंगे कि जिस समाज को आप ‘दो टके’ का कहकर घोर अपमानित कर रहे हैं, उनसे बुरी तरह हारनेवाले के बाद आप ख़ुद कितने टके के रह गये हैं?
पीडीए के खिलाफ बयान पर जताया ऐतराज
बृजेश पाठक द्वारा की गयी टिप्पणी पर अखिलेश यादव ने कहा, “PDA समाज के प्रति अपमानजनक भाषा कुछ ऐसे दंभी लोगों की पुरानी आदत है. पीडीए समाज इन्हें माफ़ नहीं करेगा. पीडीए समाज के ख़िलाफ़ दिये गये इस बयान से पीडीए समाज तो इनकी ‘राजनीतिक नाकाबंदी’ करेगा ही, इनका अपना वर्तमान दल भी, दल-बदल कर आये ऐसे व्यक्ति को बाहर का रास्ता दिखा देगा. मुखिया जी को इन्हें हटाने का बहाना, इन्होंने ख़ुद दे दिया है.”
ये कथन नहीं राजनीतिक आत्महत्या है. अब ये न सनातन के रहे, न अपने समाज के, न सियासत के लायक. इनका राजनीतिक वर्तमान और भविष्य दोनों समाप्त… और ये पोस्ट भी.























