एक्सप्लोरर

आरक्षण लूट पर अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता के बाद असीम अरुण, स्वतंत्र देव सिंह सपा पर बरसे, लगाए गंभीर आरोप

दो वरिष्ठ मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का अड्डा बन चुकी थी.

उत्तर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का अड्डा बन चुकी थी. दोनों मंत्रियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था स्थापित कर युवाओं का भरोसा लौटाया है, जबकि सपा शासन में नौकरी निकलते ही 'चाचा-भतीजा वसूली तंत्र' सक्रिय हो जाता था.

जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जब-जब नियुक्तियों और रोजगार के विज्ञापन निकलते थे, तब-तब चाचा-भतीजा लूट के लिए झोला लेकर निकल जाते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर भर्ती तक हर जगह खुला रेट चलता था और बिना पैसे व सिफारिश के कोई काम नहीं होता था.

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लगभग 9 लाख सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई हैं. समाज के सभी वर्गों के युवाओं को अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि आज हर गांव में 4-5 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है. न जातिवाद चला, न क्षेत्रवाद. केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ. 

दलितों और शोषितों को दबाने का काम करती थी सपा सरकार- सिंह
स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि सपा शासन में दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों को व्यवस्थित रूप से दबाने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट-खसोट उस सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुके थे. सपा सरकार में हर काम में भ्रष्टाचार था. जनता सब देख चुकी है और समझ चुकी है.

 समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी अखिलेश यादव की कथित 'पीडीए ऑडिट रिपोर्ट' पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता के पास सपा सरकार की असली 'ऑडिट रिपोर्ट' पहले से मौजूद है.

उन्होंने कहा कि 2004 से 2007 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार में पुलिस भर्ती घोटाला हुआ था, जिसमें व्यापक धांधली के आरोप लगे. असीम अरुण ने कहा कि मायावती सरकार बनने के बाद 50 से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा. बाद में सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल की.

उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने 2007 में पुलिस भर्ती की पारदर्शी व्यवस्था लागू की थी, लेकिन 2012 में अखिलेश सरकार ने उसे खत्म कर 10वीं और 12वीं के नंबर के आधार पर भर्ती शुरू कर दी, जिससे पक्षपात और धांधली के आरोप फिर बढ़े.

योगी सरकार ने बिना सिफारिश सवा दो लाख पुलिस भर्ती की- अरुण
असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार ने पहली बार ऐसी भर्ती व्यवस्था दी, जिसमें बिना सिफारिश और बिना पैसे के केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ. उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से कराई गई है और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं.

उन्होंने कहा कि आज नकल माफिया की कमर टूट चुकी है. परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है. इसी वजह से अखिलेश यादव बौखलाए हुए हैं.

 असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान यूपीपीएससी में हुई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अनिल यादव को यूपीपीएससी का चेयरमैन बनाया, जिसकी नियुक्ति को हाईकोर्ट ने बाद में रद्द कर दिया.

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में एक जाति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रभावित की गई. सामान्य वर्ग की सीटों पर भी एक ही जाति के लोगों की भर्ती कराई गई. यही सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट है.

 राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए असीम अरुण ने कहा कि कांग्रेस नेता अमेठी और रायबरेली में 'राजनीतिक पर्यटक' की तरह आते हैं और हर बार विवाद पैदा करने की कोशिश करते हैं.

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है और यह दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी ऊल-जुलूल बयान देकर सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

दोनों मंत्रियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन और योगी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से देख चुकी है. उन्होंने दावा किया कि जहां पहले भर्ती प्रक्रिया जातिवाद और भ्रष्टाचार से प्रभावित रहती थी, वहीं अब पारदर्शिता, तकनीक और मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

20 जुलाई को सोनम वांगचुक के मार्च में राकेश टिकैत भी होंगे शामिल? किसान नेता खुद साफ की तस्वीर
20 जुलाई को सोनम वांगचुक के मार्च में राकेश टिकैत भी होंगे शामिल? किसान नेता खुद साफ की तस्वीर
देहरादून के होमस्टे में महिला का शव मिलने से हड़कंप, BSF जवान ने जहर देकर फिर खुद भी खाया
देहरादून के होमस्टे में महिला का शव मिलने से हड़कंप, BSF जवान ने जहर देकर फिर खुद भी खाया
अखिलेश यादव पर सोनम वांगचुक के बयान के बाद डिंपल यादव ने संभाला मोर्चा, अभिजीत दीपके ने यूं कहा थैंक्स
अखिलेश पर वांगचुक के बयान के बाद डिंपल यादव ने संभाला मोर्चा, अभिजीत दीपके ने यूं कहा थैंक्स
'इसे सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा समझना...', जौहर यूनिवर्सिटी वाले मामले पर बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
'इसे सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा समझना...', जौहर यूनिवर्सिटी वाले मामले पर बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
Advertisement

वीडियोज

Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें
Shehnaaz Gill की 'Ishqnama' का ट्रेलर रिलीज़, Jai Randhhawa की दमदार परफॉर्मेंस ने लूटी महफिल
Shehnaaz Gill की Ishqnama का ट्रेलर दमदार, Jai Randhhawa की इंटेंसिटी ने जीता दिल
Mathew VanDyke और अब Jordan Brown! Indian borders के पास बड़ी साजिश? |ABPLIVE
रिपोर्ट्स: Deepika Padukone और Ranveer Singh के घर फिर आ सकती है खुशखबरी
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुनिया में चीन का दबदबा, प्रभावशाली नेताओं में जिनपिंग पर बढ़ा भरोसा, आखिर क्यों पिछड़े डोनाल्ड ट्रंप?
दुनिया में चीन का दबदबा, प्रभावशाली नेताओं में जिनपिंग पर बढ़ा भरोसा, आखिर क्यों पिछड़े ट्रंप?
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सांसद-विधायकों की फौज संग सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं डिंपल यादव, जंतर-मंतर पर लगे ये नारे
सांसद-विधायकों की फौज संग सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं डिंपल यादव, जंतर-मंतर पर लगे ये नारे
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
अक्षय कुमार से नाराज हैं परेश रावल? 'वेलकम टू द जंगल' के ट्रेलर लॉन्च पर क्यों नहीं पहुंचे? एक-एक सच बता दिया
16389 रन और 333 विकेट, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, अब इस देश से खेलना का लिया फैसला
16389 रन और 333 विकेट, ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, इस देश से खेलना का लिया फैसला
'हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े तो...' सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र सरकार को निर्देश
'हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े...' सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र को निर्देश
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
'दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं जो होर्मुज हमसे छीन ले...', डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की सीधी चेतावनी
ISRO Scientist Job: ISRO में कैसे मिलती है जॉब, कितनी होती है सैलरी और शिफ्ट टाइमिंग; यहां इस्तीफा देने का क्या है नियम?
ISRO में कैसे मिलती है जॉब, कितनी होती है सैलरी और शिफ्ट टाइमिंग; यहां इस्तीफा देने का क्या है नियम?
Embed widget