उत्तराखंड टूरिज्म की बड़ी पहल, रिवर राफ्टिंग गाइड्स के लिए शुरू की मेडिकल ट्रेनिंग
Uttarakhand News: उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग गाइड्स के लिए ऐतिहासिक मेडिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. यह कार्यक्रम 10 जनवरी से फरवरी तक चलेगा.

उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है. उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) ने HANIFL सेंटर के सहयोग से राज्य के रिवर राफ्टिंग गाइड्स के लिए अब तक का सबसे बड़ा मेडिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है.
इस कार्यक्रम के तहत रिवर गाइड्स को फर्स्ट एड, सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्यभर से 700 से अधिक रिवर राफ्टिंग गाइड्स को शामिल किया गया है. प्रशिक्षण 10 जनवरी से फरवरी 2026 के बीच चलेगा.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
यह कोर्स HANIFL के माध्यम से वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका प्रमाणपत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगा. अधिकारियों के मुताबिक, उत्तराखंड में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर राफ्टिंग गाइड्स के लिए मेडिकल और सेफ्टी ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है.
प्रशिक्षण सर्दियों के लीन पीरियड में आयोजित किया जा रहा है, जब राफ्टिंग गतिविधियां अपेक्षाकृत कम होती हैं. इससे गाइड्स बिना रोजगार प्रभावित हुए पूरी तरह प्रशिक्षण में भाग ले सकेंगे. प्रशिक्षण हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दिया जाएगा तथा अंत में लिखित और प्रायोगिक परीक्षा के बाद प्रमाणन किया जाएगा.
इस कार्यक्रम की विशेषता क्या है?
इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी साझा लागत व्यवस्था है. प्रति गाइड प्रशिक्षण खर्च का 50 प्रतिशत उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड, 25 प्रतिशत गंगा नदी राफ्टिंग एसोसिएशन और 25 प्रतिशत स्वयं रिवर गाइड्स वहन करेंगे. इससे सरकार, उद्योग और गाइड्स- तीनों की भागीदारी सुनिश्चित होती है.
पर्यटन सचिव और आईएएस की पहल पर शुरू हुई ट्रेनिंग
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, आईएएस की पहल पर शुरू हुए इस कार्यक्रम को एडवेंचर टूरिज्म क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है. ऋषिकेश, जो देश की रिवर राफ्टिंग राजधानी के रूप में जाना जाता है, हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है. राफ्टिंग उद्योग करीब 200 से 250 करोड़ रुपए का कारोबार करता और हजारों लोगों को रोजगार देता है.
पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम भविष्य में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा और आगे चलकर ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, पैराग्लाइडिंग जैसे अन्य एडवेंचर क्षेत्रों तक भी इसका विस्तार किया जाएगा.
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