Rajasthan News: हाईकोर्ट से रॉबर्ट वाड्रा को झटका, मनी लॉन्ड्रिंग केस खत्म करने से HC का इनकार
Rajasthan: कोर्ट के अनुसार 15 दिन में किसी तरह की गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की जाएगी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया.

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई के दैरान जज पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने रॉबर्ट वाड्रा, मौरीन वाड्रा और महेश नागर की याचिका को खारिज कर दी. कोर्ट ने दोनों पक्षों को बुधवार को सुनने के बाद आज गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया. साथ ही रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra), मौरीन वाड्रा (Maureen Vadra) और महेश नागर को 15 दिन की राहत दी गई. कोर्ट के अनुसार 15 दिन में किसी तरह की गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की जाएगी.
ईडी की ओर से एडीशनल सॉलीसीटर जनरल राजदीपक रस्तोगी ने पैरवी की थी. वहीं रॉबर्ट वाड्रा, मौरीन वाड्रा और महेश नागर की ओर से वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने अपना पक्ष रखा था. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया. याचिका खारिज करने से पहले कोर्ट ने थर्ड पार्टी अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसमें गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी.
जमीन घोटाले का है विवाद
एएसजी राजदीपक रस्तोगी ने बताया कि यह मामला लंबे समय से चल रहा है. 2018 स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के लायबिलिटीज पार्टनर रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा पार्टनर महेश नगर की गिरफ्तारी की रोक लगाई गई थी. इस मामले में सुनवाई के लिए केस 82 दफा लिस्ट हुआ, लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई. आखिरकार अब इस मामले के फैसले की घड़ी आ गई. दोनों ही पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है. अब राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला सुनाएगा. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा ने एक चेक दिया था. इस चेक के द्वारा बिचौलिए महेश नागर ने अपने ड्राइवर के नाम जमीन खरीदकर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया था.
रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ी
स्काईलाइट हॉस्पलिटी प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर महेश नागर को कोलायत पुलिस उपयुक्त के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस दिया गया. 04. 01. 2010 ग्राम गजनेर तहसील कोलायत जिला बीकानेर खसरा नं 711/499, 710/499 की 120 बिघा जमीन की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में खरीद कर रजिस्ट्री करवाई गई. पुलिस के समक्ष खरीद-फरोख्त के दस्तावेज पेश करने हैं, वह पुलिस जांच में सहयोग करे. इस मामले में 07. 07. 2015 को 10 बजे पेश होना था.
इस नोटिस को जोधपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और कोलायत पुलिस के समक्ष पेश नहीं होने के लिए आज इस याचिका पर सुनवाई हुई. जज के द्वारा इस याचिका को खारिज कर दिया गया है, अब कोलायत पुलिस के समक्ष पेश होना होगा. स्काईलाइट हॉस्पलिटी प्राइवेट लिमिटेड और रॉबर्ट वाड्रा पर कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. इस समय जमींन स्काईलाइट हॉस्पलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम हैं. इसी कारण मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है.
26.08.2014 को गजेंदर सिंह ने कोलायत पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई. इसमें 12.65 हेक्टर सरकारी जमीन को सरकारी कर्मचारी, अधिकारी और भूमाफिया से सांठगांठ कर सरकारी जमीन के कूटरचिता से दस्तावेज बनाकर खरीद फरोद की गई. सरकारी जमीन हड़पने के मामले में कोलायत थानाधिकारी बूटा सिंह ने धारा 420, 467, 468, 471 120B में मामले की जांच कर पेश की है.
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