Rajasthan Election 2023: ट्रांसजेंडर समुदाय ने नुक्कड़ नाटक से दिया मतदान का संदेश, नागरिकों को वोटिंग के लिए किया प्रेरित
Rajasthan Elections 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव के बीच मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक अभियान चलाया जा रहा है. ताकि मतदाताओं को मतदान के लिए ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जा सके.

Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव 25 नवंबर को होने जा रहे हैं . प्रदेश में आचार संहिता के चलते निर्वाचन आयोग की ओर से किए गए निर्देशित कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन की ओर से स्वीप के जरिये मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. हर वर्ग हर पत्र मतदाता मतदान करें इसको सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और समाज की न्याय और अधिकारिकता के संयुक्त प्रावधान में नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. खासतौर सार्वजनिक चित्र के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों में मतदाता जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक की व्यवस्था की गई है.
लोकतंत्र में मतदाता के मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए उत्सव की तरह मनाया जा रहा है. जोधपुर आगामी विधानसभा चुनाव में हर वर्ग हर पात्र मतदाता मतदान करें, इसी मंशा के साथ जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय और अधिकारिता के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को संभली ट्रस्ट के सहयोग से ट्रांसजेंडर समुदाय के तरफ से स्वीप गतिविधियों के तहत घंटाघर, पावटा बस स्टैंड, रेलवे-स्टेशन आदि स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया.
मतदाताओं को जागरूक करने की कोशिश
रचनात्मक और रोचक अंदाज में नागरिकों को मतदान के लिए प्रेरित और जागरूक किया गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदान का संदेश जन-जन तक पहुंच सके. कार्यक्रम में संभली ट्रस्ट के गोविन्द सिंह, विरेन्द्र सिंह, ट्रांसजेंडर समुदाय प्रतिनिधि एवं गादीपति कान्ता बुआ सहित अन्य सदस्य शामिल हुए. दरअसल, राजस्थान चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. ऐसे में प्रशासन की तरफ से मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहे हैं. प्रदेश प्रशासन की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा मतदाता चुनाव के दिन मतदान करने पहुंचे.
राजस्थान में विधानसभा चुनाव एक चरण में 25 नवंबर को मतदान होगा. ऐसे में राजस्थान चुनाव में हर वर्ग के लोग मतदान करें इसको सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के जरिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जा रहा है. इसके जरिए सभी लोगों को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है. इसके साथ ही इसे एक उत्सव की तरह मनाया जा रहा है, ताकि ज्यादा ज्यादा लोगों को मतदान करने के लिए जागरूक किया जा सके और चुनाव के दिन हर वर्ग के लोग ज्यादा से ज्यादा मतदान केंद्र पर आएं और मतदान करें.
Source: IOCL
























