Punjab: कनाडा चुनाव में पंजाबी मूल के इन उम्मीदवारों को मिली जीत, पंजाब में मना जश्न, बजे ढोल-नगाड़े
Punjab News: कनाडा के संघीय चुनाव में सुख धालीवाल ने छठी बार लिबरल पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की, जिससे पंजाब के सुजापुर गांव में जश्न का माहौल है. इस चुनाव में 22 पंजाबी उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

Punjabi Latest News: कनाडा में हुए संघीय चुनाव के नतीजे घोषित होते ही पंजाब में खुशी की लहर दौड़ गई है. कनाडा में पंजाबियों ने झंडे गाड़ दिए हैं, क्योंकि चुनाव में 22 पंजाबी मूल के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच सबसे ज्यादा चर्चा लिबरल पार्टी के वरिष्ठ नेता सुख धालीवाल (Sukh Dhaliwal) की छठी बार सांसद बनने की हो रही है.
सुख धालीवाल की जीत की खबर जैसे ही मोगा जिले के सुजापुर गांव पहुंची, वहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाच-गाना शुरू हो गया और मिठाइयों का वितरण हुआ. गांव के लोग गर्व से झूम उठे कि उनका बेटा एक बार फिर विदेश में भारत और पंजाब का नाम रोशन कर रहा है.
छठी बार सांसद बने सुख धालीवाल
64 वर्षीय सुख धालीवाल ने ब्रिटिश कोलंबिया की सरे न्यूटन सीट से कंजर्वेटिव पार्टी के हरजीत सिंह गिल को हराया. वह पहले भी 2011, 2015, 2019 और 2021 में इस सीट से जीत हासिल कर चुके हैं. धालीवाल उन 22 पंजाबी मूल के नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इस बार कनाडा की संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में जगह बनाई है.
आज भी अपने गांव से जुड़े हैं धालीवाल- सुख धालीवाल के भाई
गांव सुजापुर में उनके बड़े भाई ने बताया, "सुख आज भी अपने गांव और जड़ों से गहरे जुड़े हुए हैं. उनकी जीत पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण है." इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह पूरी पंजाबियत की जीत है.
सिर्फ धालीवाल ही नहीं, मोगा जिले से ताल्लुक रखने वाले कंजर्वेटिव पार्टी के अमनप्रीत सिंह गिल और सुखमन गिल की जीत पर भी उनके गांवों में उत्सव मनाया गया. पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां और मोगा से आम आदमी पार्टी की विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा ने दोनों विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि ये सांसद भारत-कनाडा संबंधों को और प्रगाढ़ बनाएंगे.
इन्हें भी मिली सफलता
लिबरल पार्टी के अन्य पंजाबी उम्मीदवारों ने भी शानदार सफलता हासिल की है. रणदीप सराय ने सरे से चौथी बार संसद में अपनी जगह बनाई है. इसके अलावा, ओकविले ईस्ट से अनीता आनंद, वाटरलू से बर्दिश चग्गर, डोरवाल लाचिन से अंजू ढिल्लों, मिसिसॉगा माल्टन से इकविंदर सिंह गहीर, फ्लीटवुड पोर्ट केल्स से गुरबख्श सैनी और रिचमंड ईस्ट स्टीवेस्टन से परम बैंस ने भी संसद में प्रवेश किया है. इन सभी की जीत ने पंजाबियों के बीच गर्व का माहौल पैदा किया है.
वहीं, पंजाब मूल के कंजर्वेटिव पार्टी के विजेताओं में कैलगरी ईस्ट से जसराज हालन, कैलगरी मैक्नाइट से दलविंदर गिल, कैलगरी स्काईव्यू से अमनप्रीत गिल, ऑक्सफोर्ड से अर्पण खन्ना, एडमॉन्टन गेटवे से टिम उप्पल, मिल्टन ईस्ट से परम गिल, एबॉट्सफोर्ड साउथ लैंगली से सुखमन गिल, एडमॉन्टन साउथईस्ट से जगशरण सिंह महल और विंडसर वेस्ट से हर्ब गिल शामिल हैं. इन सभी की जीत ने कनाडा में पंजाबी समुदाय की ताकत को एक नया आयाम दिया है.
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने भी जीतने वाले सभी पंजाबी सांसदों को बधाई दी और कहा कि यह सिख समुदाय व पंजाबी प्रवासियों के लिए सम्मान का क्षण है. उन्होंने लिबरल पार्टी और उनके नेता मार्क कार्नी को सत्ता में आने पर शुभकामनाएं दीं.
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Source: IOCL





















