पंजाब में कब-कब हुए पेपर लीक? शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
Punjab Paper Leak: CM भगवंत मान ने अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी तरह के पेपर लीक से इनकार किया है. पर क्या उनके दावों में वास्तव में कोई सच्चाई है ? क्या सच में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है?

शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब के हुए पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनल तक हर जगह पंजाब सरकार की पेपर लीक मामले को लेकर जवाबदेही मांगी जा रही है. आरोप है कि 19 जुलाई को पंजाब में हुई फार्मासिस्ट ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक किया गया.
हालांकि, प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी तरह के पेपर लीक से इनकार किया है. पर क्या उनके दावों में वास्तव में कोई सच्चाई है ? मार्च 2022 में पंजाब में AAP सत्ता में आई थी. सवाल उठते हैं कि तब से लेकर अब तक क्या सच में पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है? इस रिपोर्ट में आपको तथ्यों के साथ बताएंगे सीएम भगवंत मान के दावों की सच्चाई.
'एक भी पेपर लीक नहीं, नकल की साजिश रही नाकाम'... CM मान का बड़ा दावा
मई 2022 में आयोजित PPSC नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा
सबसे पहले बात करते हैं 22 मई 2022 में हुए पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) द्वारा आयोजित नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा की. इस परीक्षा के बाद जो परिणाम सामने आये थे उसने सभी को चौंका दिया था क्योंकि मेरिट लिस्ट में एक ही परीक्षा केंद्र और खास क्षेत्रों से आने वाले उम्मीदवारों ने टॉप स्थान हासिल किया था. इस मामले की जांच 2022 से 2023 तक चली. जांच में सामने आया था कि परीक्षा केंद्र में बैठकर नकली उम्मीदवारों ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के जरिए प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींचकर बाहर भेजे और उम्मीदवारों को जवाबव पहुंचाए थे.
इसके लिए लगभग 22 लाख रुपये की बड़ी डील की गई थी. पुलिस ने पहले इस मामले में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार किया और बाद में 5-6 लाभार्थी उम्मीदवारों को भी गिरफ्तार किया था. यह मामला देखें तो नकल का था न कि पेपर लीक का और इसने पंजाब के परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को उजागर किया था. इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया और इसे दोबारा कराने का निर्णय लिया गया था.
फरवरी 2023 में PSEB कक्षा 12वीं की अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा
इसके बाद 24 फरवरी 2023 को पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) की कक्षा 12वीं की अंग्रेजी (अनिवार्य) परीक्षा को इसके शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले ही कैंसल कर दिया गया था. इससे लगभग 3 लाख छात्र प्रभावित हुए थे. बोर्ड ने पेपर कैंसल करने के पीछे प्रशासनिक कारण बताया था, लेकिन इसका प्रश्नपत्र व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर पेपर से पहले ही लीक होने की आशंका जताई गई थी. बाद में इस परीक्षा के लिए नई तिथि की घोषणा की गई थी.
12 मार्च 2023 PSTET-2 की परीक्षा
इस परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ था, लेकिन PSTET-2 की परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर सामाजिक अध्ययन (SST) खंड के प्रश्नपत्र में 150 प्रश्नों में से लगभग सभी प्रश्नों के सही उत्तर हाईलाइट करके छापे गए थे. इस कारण इसे रद्द कर दिया गया था. अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की और आरोप लगाया कि ऐसा करके कुछ अभ्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है. बाद में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 13 मार्च 2023 को परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी. इसके बाद बिना किसी शुल्क के सभी अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी. इस मामले में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के दो प्रोफेसरों को निलंबित कर दिया गया था.
दिसंबर 2025 में PSSSB ग्रुप B कंबाइंड परीक्षा
पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) ग्रुप-बी कंबाइंड परीक्षा 21 दिसंबर 2025 में आयोजित की गई थी. यह परीक्षा नायब तहसीलदार, सीनियर असिस्टेंट और ट्रेजरी ऑफिसर जैसे 408 ग्रुप-बी पदों के लिए गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) ने आयोजित की थी. इसके परिणाम जब सामने आये तो इसमें भारी अनियमितता और धांधली के आरोप लगे थे. टॉपर्स की लिस्ट में शामिल 100 में से 22 लोग केवल बठिंडा से थे. कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाए कि पेपर एक दिन पहले ही बठिंडा पहुंच गया था. इस मामले की पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जांच शुरू की और अभी ये जांच प्रक्रिया में है. इसे रद्द नहीं किया गया और इसकी जांच में देरी के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हो रही है.
जुलाई 2026 फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा
अब वर्तमान की बात करते हैं. 19 जुलाई 2026 को 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा हुई थी. यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने आयोजित की थी. परीक्षा के शुरू होने के कुछ ही देर बाद कुछ छात्र परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल कर चीटींग कर रहे हैं, जिन्हें पकड़ लिया गया. AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. केवल एक विश्वविद्यालय में एक क्लासरूम में कुछ बच्चे नकल करने के इरादे से स्मार्ट पेन लेकर आये थे. उसे भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत पकड़ लिया और पुलिस एक्शन लिया.
मामले में पुलिस ने जानकारी दी है कि एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर पेन कैमरे से प्रश्नपत्र स्कैन कर व्हाट्सएप के जरिए बाहर भेजा था. ये पेपर रियल टाइम में भेजा गया था. इसके जवाब बाद में जिन उम्मीदवारों ने पैसे दिए थे उन्हें रियल टाइम में जवाब भेजे गए थे. एक तरह से यह हाई टेक नकल का मामला था, जो जल्द ही पकड़ा गया.
गौर है कि इस मामले से एक दिन पहले ही मनीष सिसोदिया ने बयान दिया था कि पंजाब में अगर पेपर लीक होगा तो पंजाब के शिक्षा मंत्री को इस्तीफा ले लिया जाएगा. इसके बाद ही जुलाई 2026 फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में नकल का मामला सामने आया, जिसे विपक्ष ने पेपर लीक का मामला करार दिया है.
पेपर लीक से ज्यादा चीटिंग के मामले
इस मामले पर पुलिस का कहना है कि नकल का पूरा प्रोसेस परीक्षा शुरू होने के बाद हुआ, इसलिए इसे पेपर लीक नहीं माना जा सकता. हालांकि, इस पूरे मामले ने परीक्षा की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. इसे पेपर लीक भले न कहा जाए, लेकिन ये परीक्षा सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला जरूर है. मान सरकार में जितने भी मामले सामने आये हैं उनसे यह साफ है कि पेपर लीक के मामले नाम के हैं लेकिन हाई टेक चीटिंग के मामले कई सामने आये हैं, जो परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करता है. बार-बार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों का इस्तेमाल होना दिखाता है कि पुराने मामलों से कोई सीख नहीं ली जा रही है, जिससे छात्रों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, सरकार ने हर बारर एक्शन लेते हुए दोषियों के खिलाफ एक्शन भी लिया है.
छात्रों की क्या मांग है?
मान सरकार का कहना है कि हर पेपर को लेकर जो भी आरोप और दावे सामने आने के बाद उनकी जांच की जा रही है और आरोपियों को जेल तक भेजा जा रहा है, लेकिन छात्रों का कहना है कि बार-बार परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में चूक और लापरवाही के कारण वो प्रभावित हो रहे हैं. छात्रों की मांग है कि राज्य सरकार सख्त 'एंटी-पेपर लीक कानून' बनाए और ऐसी परीक्षा प्रणाली लागू करे जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा एक बार फिर से परीक्षा व्यवस्था पर बहाल हो सके.
























