Punjab: पंजाब में सर्दियों की छुट्टियों के दौरान स्कूल बुलाने पर सख्ती, आदेश तोड़ने वाले प्रिंसिपल होंगे जिम्मेदार
Punjab News: पंजाब सरकार ने कड़ाके की ठंड के चलते 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां घोषित की हैं. आदेशों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी. प्रिंसिपल सीधे जिम्मेदार होंगे.

Punjab News: पंजाब सरकार ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए राज्यभर में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियों का ऐलान किया है. इन छुट्टियों का लाभ छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके माता-पिता भी उठा रहे हैं. सरकार का उद्देश्य बच्चों और शिक्षकों को ठंड से होने वाली बीमारियों से बचाना है, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके.
आदेशों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर नजर
हालांकि, छुट्टियों के बावजूद कुछ स्कूलों से छात्रों और शिक्षकों को बुलाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इसे गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) अमृतसर राजेश शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने साफ कहा है कि सरकारी आदेशों की अवहेलना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
सरकारी आदेशों के सही तरीके से पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है. यह टीम जिलेभर के सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों पर नजर रखेगी. अगर किसी स्कूल के खिलाफ लिखित शिकायत मिलती है, तो तथ्यों की जांच के बाद तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
प्रिंसिपल होंगे सीधे जिम्मेदार
राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि सर्दियों की छुट्टियां बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर घोषित की गई हैं. यदि इस अवधि में किसी स्कूल से आदेशों का उल्लंघन किया जाता है और किसी छात्र या शिक्षक को नुकसान पहुंचता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल के प्रिंसिपल की होगी.
जिला उप शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में बनाई गई टीम शिकायतों की लगातार निगरानी करेगी. यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भी भेजा जाएगा.
बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे सरकारी आदेशों का पूरी तरह पालन करें. बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाएगा.
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Source: IOCL





















