Punjab: पंजाब के तरन तारन से पाकिस्तानी जासूस गगनदीप सिंह गिरफ्तार, ISI को दे रहा था ये जानकारी
Punjab News: पाकिस्तानी जासूस गगनदीप के पास से रिकवर किए गए मोबाइल फोन से आईएसआई से शेयर की गई जानकारी और 20 जासूसों की डिटेल्स मिली हैं. गगनदीप, गोपाल सिंह चावला के संपर्क में रहकर यह काम कर रहा था.

Punjab Latest News: पंजाब में तरन तारन जिला पुलिस ने पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है. गगनदीप सिंह नाम का जासूस पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी गोपाल सिंह चावला और आईएसआई के संपर्क में था. गगनदीप सिंह आईएसआई को भारतीय सेना की डिप्लॉयमेंट और अन्य खुफिया जानकारी दे रहा था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सेना की मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) को दी थी.
पाकिस्तानी जासूस गगनदीप के पास से रिकवर किए गए मोबाइल फोन से आईएसआई से शेयर की गई खुफिया जानकारी और 20 जासूसों के संपर्क की डिटेल्स मिली हैं. खुफिया जानकारी देने के बदले आईएसआई से पेमेंट मिलती थी. पिछले पांच साल से गगनदीप सिंह, गोपाल सिंह चावला के संपर्क में रहकर यह काम कर रहा था.
Acting swiftly on information received from Counter-Intelligence-Punjab, @TarnTaranPolice, in a joint operation arrests Gagandeep Singh @ Gagan, a resident of Mohalla Rodupur, Gali Nazar Singh Wali, #TarnTaran.
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) June 3, 2025
Arrested accused had been in contact with the #Pakistan #ISI and… pic.twitter.com/JIuLVToIMk
आगे चलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता था आरोपी- DGP
पंजाब पुलिस के डीजीपी ने गौरव यादव ने कहा, "काउंटर-इंटेलिजेंस-पंजाब से मिली सूचना के आधार पर तरन तारन पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में गगनदीप सिंह उर्फ गगन को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान आईएसआई और गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था. ऑपरेशन सिंधुर के दौरान सेना की गतिविधियों से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था."
डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक पुलिस की जांच में पता चला है कि वह सेना की तैनाती और रणनीतिक स्थानों सहित वर्गीकृत विवरण साझा करने में लगा हुआ था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था. प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि गगनदीप सिंह पिछले पांच वर्षों से पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी समर्थक गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था, जिसके माध्यम से उसे पाकिस्तानी खुफिया संचालकों (पीआईओ) से मिलवाया गया था. उसने भारतीय चैनलों के माध्यम से पीआईओ से भुगतान भी प्राप्त किया.
डीजीपी गौरव यादव ने आगे बताया, "एक मोबाइल फोन जिसमें खुफिया जानकारी थी जिसे उसने पीआईओ के साथ साझा किया था. साथ ही 20 से अधिक आईएसआई से जुड़े लोगों के संपर्कों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है. पीएस सिटी तरनतारन ने आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है. इस मामले में पुलिस आगे की जांच में जुटी है."
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Source: IOCL





















