'बहुत सुलझे हुए, बड़े लीडर...', मनीष तिवारी के बागी तेवर पर कांग्रेस सांसद ने किया समर्थन
Punjab News In Hindi: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह नजर आ रही है. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने खुद को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. अब उनके समर्थन में कांग्रेस सांसद ने उनका समर्थन किया.

IANS: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पार्टी की पंजाब इकाई में नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्तियों में खुद को 'नजरअंदाज किए जाने' का आरोप लगाया. इस बीच उनके समर्थन में अब कांग्रेस नेता आ गए हैं. कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने मनीष तिवारी को 'नजरअंदाज किए जाने' पर कहा, "मनीष तिवारी हमारी पार्टी के बहुत सीनियर, बहुत सुलझे हुए, बड़े लीडर रहे हैं."
उन्होंने आगे कहा, "मैं समझता हूं कि सांगठनिक दृष्टिकोण से चाहे NSUI की बात हो, युवा कांग्रेस की बात हो उन्होंने पद संभाला है. केंद्रीय मंत्री के रूप में भी पद संभाला है. एक बात मैं स्पष्ट कर दूं, ऐसी बात नहीं है, पार्टी परिस्थिति देखती है और उन परिस्थितियों का निर्णय लेती है कि किनकी कहां पर भूमिका है, किनकी कहां पर उपयोगिता है. ये हम कह सकते हैं कि पार्टी इन सारी चीजों को देखते हुए, जब भी जहां पर उनकी आवश्यकता होगी, पार्टी उनका उपयोग करेगी."
सुखदेव भगत ने कहा, "इसमें किसी को कम दिया, ज्यादा दिया वाली बात नहीं है. मैं समझता हूं कि बहुत ही संतुलित तरीके से जितने भी नेता है उनको पार्टी ने जगह दी है और उनकी भूमिका के साथ हम लोग अगला चुनाव लड़ने जा रहे हैं."
मामले पर क्या बोले पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पार्टी की पंजाब इकाई में नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्तियों में खुद को 'नजरअंदाज किए जाने' पर गुरुवार (2 जुलाई) को कहा कि काश उनके पास 'व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षा' का कोई 'एंटीडोट' होता. तिवारी को पंजाब कांग्रेस के हालिया संगठनात्मक पुनर्गठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है.
मनीष तिवारी को किया गया नजरअंदाज
उन्होंने एक खबर साझा की, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में कांग्रेस ने नए कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न चुनाव समितियों के प्रमुखों की नियुक्ति की, लेकिन मनीष तिवारी को नजरअंदाज कर दिया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंडीगढ़ से लोकसभा सदस्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे. काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई एंटीडोट होता."
उन्होंने कहा, "इसके बावजूद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को दशकों तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है." तिवारी ने यह भी कहा कि जो होना है, वह होकर रहेगा.
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