Chandigarh: रक्षाबंधन के दिन सगी बहनों को उतारा था मौत के घाट, 6 साल बाद हत्यारा दोषी करार
चंडीगढ़ सेक्टर-22 पीजी में रक्षाबंधन पर 6 साल पहले दो सगी बहनों की छुरी से हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी कुलदीप को दोषी ठहराया है, सजा 9 फरवरी को सुनाई जाएगी सीसीटीवी सबूतों के आधार पर.

Chandigarh News: चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में स्थित एक पीजी (PG) में 6 साल पहले दो सगी बहनों की छुरी से हत्या करने के मामले में चंडीगढ़ जिला कोर्ट ने आरोपी कुलदीप को दोषी करार दिया है. कोर्ट इस मामले में 9 फरवरी को सजा सुनाएगी. यह घटना रक्षाबंधन के दिन हुई थी, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था.
जानकारी के मुताबिक, फाजिल्का की रहने वाली मनप्रीत कौर और राजवंत कौर सेक्टर-22 की कोठी नंबर 2595 में एक पीजी में रहती थीं. दोनों बहनें जीरकपुर की एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थीं और लगभग एक साल से इस मकान में रह रही थीं. आरोपी कुलदीप उनका जानकार था और पहले भी उनके पास आता-जाता रहता था.
चोरी-छिपे घर में दाखिल
15 अगस्त 2019 की सुबह करीब 5:10 बजे कुलदीप चोरी-छिपे पीजी में दाखिल हुआ. इस दौरान किसी बात को लेकर उसका बहनों से विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने छुरी से हमला कर दिया. दोनों बहनों के साथ जमकर लड़ाई हुई, जिसके बाद कुलदीप ने उन्हें बेरहमी से छुरी घोंपकर मार डाला. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.
रक्षाबंधन के दिन जब दोनों बहनों ने अपने भाई का फोन नहीं उठाया और न ही खुद संपर्क किया तो परिवार को शक हुआ. इसके बाद रिश्तेदारों को मौके पर भेजा गया. जब वे दोपहर करीब 2 बजे कोठी में पहुंचे, तो अंदर पीजी के टॉप फ्लोर पर दोनों बहनों की लाशें पड़ी मिलीं. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
CCTV से हुई आरोपी की पहचान
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. एक फुटेज में दिखा कि आरोपी सुबह 5:09 बजे चोरी-छिपे कोठी में दाखिल होता है. पुलिस ने यह फुटेज उसी मकान में रहने वाले एक नेपाली युवक को दिखाया, जिसने आरोपी की पहचान कुलदीप के रूप में की और बताया कि वह पहले भी बहनों के पास आता-जाता था.
पुलिस ने सेक्टर-17 थाने में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की. कुछ दिनों बाद कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया. वह करीब सात सालों से जेल में बंद है. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार कुलदीप को दोषी करार दिया गया है. अब पीड़ित परिवार और शहरवासियों की निगाहें 9 फरवरी को होने वाले सजा के ऐलान पर टिकी हुई हैं, जहां अभियोजन पक्ष दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर सकता है.























