एक्सप्लोरर

सब्जी बेचने से सियासत तक...छगन भुजबल की पॉलिटिक्स, विवादों के बाद भी महाराष्ट्र की राजनीति में चमके

Who is Chhgan Bhujbal: छगन भुजबल कौन हैं? जानिए उनकी राजनीतिक सफर से लेकर विवादों और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बनने तक की पूरी कहानी.

Chhgan Bhujbal Political Journey: महाराष्ट्र की राजनीति में छगन भुजबल का काफी बड़ा नाम है. शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जिसने कभी छगन भुजबल का नाम नहीं सुना होगा. सामाजिक मुद्दे हों, किसानों के हक की बात हो या फिर आरक्षण का मुद्दा हो...छगन भुजबल अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहते हैं.

जिस तेज तर्रार और बेबाकी से अपनी बात रखने वाले छगन भुजबल को आप मंचों पर जबरदस्त भाषण देते हुए देखते हैं वो शुरू से ऐसे नहीं थे. उनकी इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत है जिसे शायद ही कोई जानता होगा.

कितने पढ़े-लिखे हैं छगन भुजबल?
छगन भुजबल का जन्म महाराष्ट्र के नासिक में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. वित्तीय बाधाओं के बावजूद भुजबल ने अपनी शिक्षा जारी रखी और अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की. 

छगन भुजबल ने कभी बेची थी सब्जी
राजनीति में आने से पहले छगन भुजबल अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बायकुला मार्केट में सब्जियां बेचा करते थे. चुनौतियों के बावजूद, भुजबल ने कड़ी मेहनत की और राजनीति के क्षेत्र में बड़ा नाम कमाया.

छगन भुजबल का विवादों से रहा नाता
छगन भुजबल अपने पूरे करियर में कई विवादों में रहे हैं. भ्रष्टाचार के आरोप, मनी लॉन्ड्रिंग केस या महाराष्ट्र सदन घोटाला ऐसे कई मामले हैं जिसमें छगन भुजबल का नाम आया, लेकिन छगन भुजबल की राजनीति कभी भी डगमगाई नहीं.

छगन भुजबल का विवादों ने कभी उनका पीछा नहीं छोड़ा. भुजबल का राजनीतिक करियर विवादों से घिरा रहा है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप, मनी लॉन्ड्रिंग केस, महाराष्ट्र सदन घोटाले में उनका नाम आया. छगन भुजबल मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल भी जा चुके हैं. भुजबल ने इन मामलों की जांच और सुनवाई के दौरान दो साल से अधिक समय न्यायिक हिरासत में बिताया. हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से उन्हें 2018 में जमानत दे दी गई थी.

2017 में, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भुजबल और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया. इस मामले में आरोप लगाया गया कि भुजबल और उनके परिवार ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से परे संपत्ति अर्जित की है.

राजनीति में कब आये छगन भुजबल?
छगन भुजबल ने राजनीति की शुरुआत 1960 के दशक में की थी. छगन भुजबल ने 1960 में मध्य मुंबई के मझगांव क्षेत्र में शाखा प्रमुख के रूप में शिवसेना में काम किया था. इस दौरान, वे 1973 में पार्षद चुने गए और एक तेजतर्रार शिवसेना नेता के रूप में उभरे. भुजबल शुरू से मेहनती थे. कड़ी मेहनत, लगन और लोगों के समर्थन ने भुजबल को जल्द ही उंचाई तक पहुंचा दिया.

छगन भुजबल का राजनीतिक करियर
साल 1990 में शिवसेना और बीजेपी ने एकसाथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था. इसके बाद सीटों के लिहाज से शिवसेना के ग्राफ में जबरदस्त इजाफा हुआ. इसी दौरान भुजबल ने महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी गठबंधन सरकार में विभिन्न मंत्री पदों पर संभाला. उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), गृह मामलों के मंत्री और पर्यटन मंत्रालय जैसे विभागों को भी संभाला. भुजबल दो बार मुंबई के मेयर भी चुने जा चुके हैं. पहली बार 1985 में और फिर 1991 में. भुजबल 18 अक्टूबर 1999 से 23 दिसंबर 2003 तक महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे.

छगन भुजबल ने कब छोड़ी शिवसेना?
इसके बाद राजनीति में भुजबल का ग्राफ कभी नीचे नहीं गया. जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया भुजबल भी अपनी लाइफ में आगे बढ़ते गए. 1991 में भुजबल ने शिवसेना छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गए. बाद में, जब शरद पवार ने एनसीपी बनाने का फैसला किया तो भुजबल भी उनके साथ नई पार्टी में शामिल हो गए. छगन भुजबल का ये कदम उनके लिए मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इसी एनसीपी ने उन्हें बुलंदियों तक पहुंचाया. इसके बाद छगन भुजबल की राजनीति भी पूरी तरफ से बदल गई.

छगन भुजबल की गिरफ्तारी
छगन भुजबल पर महाराष्ट्र में लोक निर्माण विभाग के मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे. इसके बाद भुजबल पर महाराष्ट्र सदन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा. उन्हें 2016 में प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई में महाराष्ट्र सदन और कालीना लाइब्रेरी के निर्माण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया. भुजबल पर महाराष्ट्र में भूमि हड़पने और अवैध निर्माण गतिविधियों के आरोप भी लगे हैं. इन विवादों ने भुजबल के राजनीतिक करियर को काफी प्रभावित किया.

वर्तमान में, छगन भुजबल महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास खाद्य और नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले विभाग हैं. भुजबल महाराष्ट्र की 14वीं विधानसभा में येओला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. शिवसेना से कांग्रेस और फिर एनसीपी तक का उनका सफर कई उतार-चढ़ाव भरा रहा है. एनसीपी में दो फाड़ होने के बाद छगन भुजबल ने अजित पवार गुट के साथ जाने का फैसला किया और वो अभी उन्हीं के साथ महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रीय हैं.

ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव से पहले मुंबई कांग्रेस में कलह? वर्षा गायकवाड को इस पद से हटाने की मांग

तारिक अनवर एबीपी न्यूज़ में जनवरी 2022 से बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. इससे पहले वे बतौर कंटेंट स्पेशलिस्ट काम कर चुके हैं. तारिक ने भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नालिज्म एंड कम्यूनिकेशन से मास्टर डिग्री हासिल की है. वे बिहार के भागलपुर जिले से हैं. तारिक की रूचि पॉलिटिक्स, क्राइम और इनवेस्टिगेटिव जर्नलिज्म में ज्यादा है. 
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, हालात हो सामान्य', संसद में बोले केंद्रीय मंत्री, सैकड़ों फ्लाइट आज भी रद्द
'यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, हालात हो सामान्य', संसद में बोले केंद्रीय मंत्री, सैकड़ों फ्लाइट आज भी रद्द
बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव! कौन बना किस जिले का प्रभारी? पूरी लिस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल!
बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव! कौन बना किस जिले का प्रभारी? पूरी लिस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल!
IndiGo Pilot Viral Video: इंडिगो पायलट का इमोशनल मैसेज वायरल, ऐसा क्या कहा, घंटों फंसे पैसेंजर भी करने लगे तारीफ
इंडिगो पायलट का इमोशनल मैसेज वायरल, ऐसा क्या कहा, घंटों फंसे पैसेंजर भी करने लगे तारीफ
सूर्यकुमार यादव नहीं..उस खिलाड़ी को दो टीम इंडिया की टी20 कप्तानी, सौरव गांगुली ने दिया बड़ा बयान
सूर्यकुमार यादव नहीं..उस खिलाड़ी को दो टीम इंडिया की टी20 कप्तानी, सौरव गांगुली ने दिया बड़ा बयान

वीडियोज

SIR पर Supreme Court ने भेजा नोटिस, BLO और दूसरे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भेजा नोटिस
Anantnag के जंगलों में NIA का सर्च ऑपरेशन, आरोपी जासिर बिलाल वानी को भी ले गई है NIA
Lucknow Breaking: प्रदेशभर से गायब हुए 545 से ज्यादा सफाईकर्मियों, ATS ने नगर निगम से मांगा ब्योरा
Indigo Crisis: सभी एयरलाइंस के साथ उड्डयन मंत्रालय की अहम बैठक | Breaking | ABP News
Goa Night Club Fire Case: क्लब के मालिक कैसे हुए फरार? , TMC ने उठाए सवाल? | Gaurav Luthra

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, हालात हो सामान्य', संसद में बोले केंद्रीय मंत्री, सैकड़ों फ्लाइट आज भी रद्द
'यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं, हालात हो सामान्य', संसद में बोले केंद्रीय मंत्री, सैकड़ों फ्लाइट आज भी रद्द
बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव! कौन बना किस जिले का प्रभारी? पूरी लिस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल!
बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव! कौन बना किस जिले का प्रभारी? पूरी लिस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल!
IndiGo Pilot Viral Video: इंडिगो पायलट का इमोशनल मैसेज वायरल, ऐसा क्या कहा, घंटों फंसे पैसेंजर भी करने लगे तारीफ
इंडिगो पायलट का इमोशनल मैसेज वायरल, ऐसा क्या कहा, घंटों फंसे पैसेंजर भी करने लगे तारीफ
सूर्यकुमार यादव नहीं..उस खिलाड़ी को दो टीम इंडिया की टी20 कप्तानी, सौरव गांगुली ने दिया बड़ा बयान
सूर्यकुमार यादव नहीं..उस खिलाड़ी को दो टीम इंडिया की टी20 कप्तानी, सौरव गांगुली ने दिया बड़ा बयान
धुरंधर Vs एनिमल, किसकी दहाड़ से हिला बॉक्स ऑफिस? रणवीर या रणबीर कौन हैं बॉक्स ऑफिस का किंग?
धुरंधर Vs एनिमल, किसकी दहाड़ से हिला बॉक्स ऑफिस? रणवीर या रणबीर कौन हैं बॉक्स ऑफिस का किंग?
कब आएगी किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, जान लीजिए तारीख
कब आएगी किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, जान लीजिए तारीख
Hangover Home Remedies: आपके किचन में ही मौजूद हैं हैंगओवर उतारने वाली चीजें, न्यू ईयर और क्रिसमस की पार्टी से पहले जान लें जरूरी बात
आपके किचन में ही मौजूद हैं हैंगओवर उतारने वाली चीजें, न्यू ईयर और क्रिसमस की पार्टी से पहले जान लें जरूरी बात
IIT रुड़की ने JEE Advanced 2026 के लिए बदले नियम, अब परीक्षा में शामिल हो सकेंगे सिर्फ ये कैंडिडेट्स
IIT रुड़की ने JEE Advanced 2026 के लिए बदले नियम, अब परीक्षा में शामिल हो सकेंगे सिर्फ ये कैंडिडेट्स
Embed widget