मुंबई की 130 साल पुरानी स्वदेशी मार्केट बनी खतरा, पुनर्विकास अटकने से बढ़ी लोगों की चिंता
Mumbai News In Hindi: बारिश के मौसम से पहले यह इमारत खतरनाक घोषित होने के बावजूद खाली नहीं कराई गई है और पुनर्वसन की प्रक्रिया भी ठप पड़ी है,जिससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की जान जोखिम में है.

महाराष्ट्र के दक्षिण मुंबई के कालबादेवी इलाके में स्थित 130 साल पुरानी स्वदेशी मार्केट इमारत का पुनर्विकास अटकने से रहिवासियों और किरायेदारों में नाराजगी का माहौल है.बारिश के मौसम से पहले यह इमारत खतरनाक घोषित होने के बावजूद खाली नहीं कराई गई है और पुनर्वसन की प्रक्रिया भी ठप पड़ी है, जिससे व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की जान जोखिम में है.पिछले कई वर्षों से स्वदेशी मार्केट में कपड़ों का व्यापार चलता आ रहा है.
व्यापारी संगठन के कुछ सदस्यों पर पुनर्विकास प्रक्रिया में बाधाएं डालने का आरोप लगाया जा रहा है.म्हाडा द्वारा इस इमारत को खतरनाक घोषित किया गया है और जल्द से जल्द दुकानें व घर खाली करने की नोटिस भी जारी की गई है.इसके बावजूद मार्केट प्रबंधन ने पुनर्विकास के बजाय इमारत की मरम्मत का काम शुरू किया है.आखिर पुनर्विकास क्यों रोका जा रहा है, यह सवाल अब भी अनुत्तरित है.
रहिवासियों और व्यापारियों की जान से खिलवाड़
इन चार इमारतों में करीब 720 किरायेदार और 55 रहिवासी रहते हैं.पुनर्विकास का समर्थन करने वाले रहिवासियों का आरोप है कि कुछ व्यापारी अपना व्यवसाय जारी रखने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं.
इमारत में रहने वाले मुकेश मोरे कहते हैं, “मैं कई वर्षों से परिवार के साथ इस इमारत में रह रहा हूं.बारिश के मौसम में हमेशा डर बना रहता है कि इमारत कहीं गिर न जाए.तेज बारिश होने पर पूरी इमारत हिलने लगती है.कई दुकानों के हिस्से टूटकर गिर चुके हैं। यहां रहना और व्यापार करना जान जोखिम में डालने जैसा है.लेकिन प्रबंधन अपने निजी स्वार्थ के लिए लोगों की जिंदगी से खेल रहा है.
1960 में हुई थी मरम्मत
स्वदेशी मार्केट इमारत की मरम्मत वर्ष 1960 में की गई थी.इसके बाद 2012 में स्वदेशी मार्केट का पुल गिर गया था.इमारत की हालत लगातार खराब होती जाने के कारण 2016 में केवल मरम्मत के बजाय पुनर्विकास की मांग तेज हो गई.2023 में इस मामले में कार्रवाई को गति मिली.फरवरी महीने में बीएमसी की ओर से दो नोटिस जारी किए गए, जबकि जुलाई 2023 में इमारत को बी-1 श्रेणी की खतरनाक इमारत घोषित किया गया.
इसके बाद अगस्त में पीपीपी चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई.26 जून 2025 को म्हाडा ने इस इमारत को सी-1 श्रेणी की अत्यंत खतरनाक इमारत घोषित करते हुए 7 दिनों के भीतर खाली करने की नोटिस जारी की.लेकिन नोटिस जारी हुए एक साल बीत जाने के बावजूद इमारत अब तक खाली नहीं कराई गई है.
प्रबंधन में राजनीति
व्यापारियों का दावा है कि पहले के प्रबंधन के 10 सदस्यों ने पुनर्विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था.हालांकि नवंबर 2025 में मार्केट प्रबंधन के चुनाव हुए और नए सदस्य चुने गए.चुनाव के दौरान स्वदेशी यूनाइटेड के घोषणापत्र में संस्था की सुरक्षा के लिए 7 नए संचालकों की नियुक्ति और पारदर्शी तरीके से तत्काल पुनर्विकास प्रक्रिया लागू करने का वादा किया गया था.लेकिन आरोप है कि इन वादों को पूरा करने के बजाय नए प्रबंधन ने पुनर्विकास ही रोक दिया.
प्रबंधन के सदस्य देवेंद्र शाह ने कहा, “पिछली बार हमने सभी डेवलपर्स से बातचीत कर पुनर्विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था, लेकिन नए सदस्यों ने उसे रोक दिया.इसका कारण मैं नहीं बता सकता, लेकिन जो हो रहा है वह गलत है.
जिन नए संचालकों पर पुनर्विकास रोकने का आरोप लगाया जा रहा है, उनमें से एक दीपक जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई.उन्होंने केवल इतना कहा कि वे पुनर्विकास के पक्ष में हैं.इसके आगे उन्होंने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
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