'टेढ़ी पूंछ', उद्धव ठाकरे गुट ने फिर ED को घेरा, संजय राउत का दावा- 'सरकार गिराने में...'
Shiv Sena UBT Slams ED: शिवसेना (यूबीटी) ने सामना में ईडी को भाजपा की शाखा बताया. सुप्रीम कोर्ट की फटकार का हवाला देते हुए महाराष्ट्र-कर्नाटक में सरकार गिराने की साजिश का आरोप लगाया.

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र 'सामना' में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी का आरोप है कि ईडी अब एक स्वतंत्र जांच एजेंसी नहीं रही, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की एक 'शाखा' की तरह काम कर रही है और उसका इस्तेमाल विपक्षी दलों की सरकारें गिराने के लिए किया जा रहा है.
ईडी की ‘टेढ़ी पूंछ’ को सुप्रीम कोर्ट ने पकड़ा: शिवसेना (यूबीटी)
मुखपत्र में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति भूषण गवई की टिप्पणियों का हवाला देते हुए लिखा गया है कि अदालत ने ईडी की राजनीतिक भूमिका को उजागर किया है.
विशेष रूप से कर्नाटक में कांग्रेस मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के जमीन मामले में ईडी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. कोर्ट ने ईडी से कहा- “मतदाताओं को राजनीतिक लड़ाई लड़ने दीजिए, आप खुद को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल क्यों होने दे रहे हैं?”
महाराष्ट्र में सरकार गिराने में भी ईडी की भूमिका: शिवसेना (यूबीटी)
सामना में शिवसेना (यूबीटी) ने लिखा कि महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार को गिराने के लिए भी ईडी का खुलकर दुरुपयोग किया गया. एकनाथ शिंदे, प्रताप सरनाईक, हसन मुश्रीफ, अजीत पवार, अशोक चव्हाण, भावना गवली जैसे नेताओं को ईडी की कार्रवाई की आड़ में भाजपा में शामिल होने पर मजबूर किया गया. नवाब मलिक, संजय राऊत और अनिल देशमुख को फर्जी मामलों में फंसाया गया, जो बाद में अदालत में टिक नहीं पाए.
ईडी पर भी लगाया आरोप
शिवसेना (यूबीटी) ने यह भी आरोप लगाया कि ईडी के अधिकारी भी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. एजेंसी पर इटली, लंदन और अमेरिका में बेनामी संपत्तियां बनाने, एजेंटों के माध्यम से रंगदारी वसूलने और समय से पहले रिटायर होकर भाजपा में शामिल होने तक के आरोप लगाए गए हैं.
भाजपा से सांठगांठ का आरोप
सामना का दावा है कि भाजपा के नेताओं पर दर्जनों संगीन आरोप होने के बावजूद ईडी कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती. बल्कि जिन लोगों के खिलाफ वाकई कार्रवाई होनी चाहिए, वे लोग मंत्रिमंडल और सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हैं. इस पूरे सिस्टम को “भ्रष्टाचार की खुली मंडी” बताया गया.
‘मनी लॉन्ड्रिंग का अड्डा बना भारतीय क्रिकेट’
शिवसेना का आरोप है कि आज देश में मनी लॉन्ड्रिंग के सबसे बड़े मामले भारतीय क्रिकेट से जुड़े हुए हैं, लेकिन ईडी ने इस दिशा में कभी गंभीर कार्रवाई नहीं की. वहीं दूसरी ओर, जहां भी कांग्रेस या विपक्ष की सरकारें हैं, वहां ईडी का ऑपरेशन “तत्काल प्रभाव” से शुरू हो जाता है.
शिवसेना ने सामना लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की पूंछ पकड़कर उसे दे पटका है. मुख्य न्यायाधीश ने देश को आईना दिखाया है और यह चेतावनी दी है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक कठपुतली बनाना बंद करना होगा. शिवसेना (यूबीटी) ने न्यायालय की इस टिप्पणी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि “अब समय आ गया है कि ईडी खुद की छवि को बचाए.”
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















