नागपुर हादसे पर CM देवेन्द्र फडणवीस ने जताया दुख, अबतक 17 लोगों की हुई मौत, जांच के दिए आदेश
Nagpur News In Hindi: CM देवेन्द्र फडणवीस ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव के समुचित इंतजाम किए गए हैं.

महाराष्ट्र के नागपुर में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में 17 लोगों की जान चली गयी. यहां कटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड जिमें विस्फोटक बनाया जाता है, तड़के सुबह अचानक विस्फोट हो गया. इस दर्दनाक हादसे में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं.
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव के समुचित इंतजाम किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को बेहतर इलाज के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं. परिवार को उचित सहायता का भी आश्वासन दिया गया है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान
सोशल मीडिया अकाउंट पर सीएम फडणवीस ने दुःख जताते हुए पोस्ट किया, “नागपुर जिले के राउलगांव में एक एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में धमाके की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है. मैं लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के लगातार कॉन्टैक्ट में हूं. डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. NDRF और SDRF की टीमें भी घटनास्थल पर हैं. PESO और DISH की टीमें पहुंच गई हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, और अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है. मैं मरने वालों को दिल से श्रद्धांजलि देता हूं. हम उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं. इस घटना में 18 लोग घायल हुए हैं. घायलों को तुरंत नागपुर शिफ्ट कर दिया गया है. मैं भगवान से उनके जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.इस घटना की पूरी जांच के ऑर्डर दे दिए गए हैं.”
खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाती है फैक्ट्री
बता दें कि एसबीएल एनर्जी लिमिटेड कंपनी खनन और औद्योगिक उपयोग के लिए विस्फोटक सामग्री बनाती है. सुबह करीब 6:45 बजे डेटोनेटर पैकिंग या क्रिम्पिंग यूनिट में अचानक विस्फोट हुआ, जिससे भयंकर आग लग गई और इमारत का हिस्सा ढह गया. उस समय शिफ्ट में लगभग 35-40 मजदूर काम कर रहे थे. धमाका इतना जोरदार था कि दूर-दूर तक सुनाई दिया और आसपास के इलाकों में कंपन महसूस किया गया. मृतकों में कई महिलाएं शामिल हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं.
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