Maratha Reservation: मराठा आरक्षण आंदोलन को आज तीसरा दिन, मनोज जरांगे बोले- 'जब तक मांग पूरी नहीं, लौटेंगे नहीं'
Maratha Reservation: मनोज जरांगे ने कहा कि जब तक मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत OBC आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक वह आंदोलन नहीं छोड़ेंगे. जरांगे ने सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों को भीड़ न समझा जाए.

मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण की मांग कर रहे आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे का अनशन रविवार (31 अगस्त) को तीसरे दिन भी जारी रहा. मनोज जरांगे ने कहा कि जब तक मराठा समुदाय के लिए उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक वह मुंबई नहीं छोड़ेंगे. उनका अनशन रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. जरांगे ने दावा किया कि उनकी मांग संवैधानिक रूप से वैध है और सरकार के पास ऐसे रिकॉर्ड हैं, जो दिखाते हैं कि कुनबी और मराठा एक ही जाति के हैं.
मुंबई पुलिस के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और आसपास के चौराहों पर बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों की मौजूदगी के कारण यातायात प्रभावित हुआ. मुंबई यातायात पुलिस ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि आंदोलन के दौरान वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जाती है.
कल से मैं पानी पीना भी बंद कर दूंगा- मनोज जरांगे
आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे ने कहा कि मराठा समुदाय के लोग अपने दिल में दर्द लेकर आंदोलन में भाग लेने मुंबई आए हैं और उन्हें भीड़ न समझा जाए. आरक्षण कार्यकर्ता शुक्रवार से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं. साथ ही कहा कि हम 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं, जो ओबीसी श्रेणी में आता है. सभी मराठाओं को कृषि प्रधान जाति कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए, ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण मिल सके.
उन्होंने कहा कि "कल से मैं पानी पीना भी बंद कर दूंगा. क्योंकि सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही है, लेकिन जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा. मैं वापस नहीं जाऊंगा. मराठों को ओबीसी में आरक्षण दिलाकर रहेंगे."
आंदोलनकारियों को नहीं समझना चाहिए भीड़ - जरांगे
जरांगे ने अपने समर्थकों से अनुरोध किया कि वे अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रखें और ट्रेन से आजाद मैदान आएं. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि आंदोलनकारियों को भीड़ नहीं समझना चाहिए. शनिवार को जरांगे और सरकार द्वारा नियुक्त प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही.
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे को बातचीत के लिए भेजा गया, जबकि वह मराठा आरक्षण प्रक्रिया में समिति के अध्यक्ष हैं.
इन मुद्दों को हल करने के लिए आवश्यक संवैधानिक संशोधन- शरद पवार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार जरांगे की मांगों को कानूनी और संवैधानिक ढांचे में पूरा करने के लिए काम कर रही है. वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि इन मुद्दों को हल करने के लिए संवैधानिक संशोधन आवश्यक है क्योंकि कुल आरक्षण की एक सीमा है. जरांगे ने बताया कि उन्होंने सात बार अनशन किया है और यह आंदोलन उनकी समुदाय की 'अंतिम लड़ाई' है.
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Source: IOCL






















