महाराष्ट्र की बेटी ने सऊदी अरब में बढ़ाया भारत का मान, 15 साल की शौर्या ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
Maharashtra News: सऊदी अरब के दम्माम में लड़कियों की 100 मीटर बाधा दौड़ की फाइनल स्पर्धा में शौर्या ने कड़ा संघर्ष करते हुए कांस्य पदक जीता.

Maharashtra News: सऊदी अरब के दम्माम में एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की शौर्या अंबुरे ने अंडर-18 महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता. 15 वर्षीय शौर्या ने 13.8 सेकंड का समय लेकर पदक हासिल किया.
प्रतियोगिता के दौरान दो दिन में उनका लगातार दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. वहीं, चीन की बाओ यिनयिन ने 13.71 सेकंड समय के साथ स्वर्ण और ही यिहुई ने 13.76 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता. एशियन यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 का आयोजन इस वर्ष सऊदी अरब के दम्माम शहर में 15 अप्रैल से 18 अप्रैल तक किया गया. इस प्रतियोगिता में 30 एशियाई देशों ने भाग लिया. भारत की ओर से इस खेल स्पर्धा के लिए 36 खिलाड़ियों का चयन किया गया था.
100 मीटर की दौड़ में जीता मेडल
महाराष्ट्र की ओर से ठाणे की शौर्या अंबुरे (100 मीटर बाधा दौड़) और नवी मुंबई की आंचल पाटिल (ऊंची कूद) का चयन किया गया था. शौर्या अंबुरे ने इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए क्वालिफाइंग राउंड में 13.85 सेकंड में दौड़ पूरी कर अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) समय दर्ज किया और चयन स्पर्धा का सबसे तेज समय भी उनके नाम रहा.
लड़कियों की 100 मीटर बाधा दौड़ की फाइनल स्पर्धा में शौर्या ने कड़ा संघर्ष करते हुए कांस्य पदक जीत लिया. इस अंतिम दौड़ में उन्होंने 13.8 सेकंड में दौड़ पूरी कर फिर एक बार अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय हासिल किया.
बोर्ड की परीक्षा और चैंपियनशिप साथ साथ
इस एशियाई प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के लिए एकमात्र पदक जीतने वाली शौर्या की खेल जगत में विशेष सराहना हो रही है. इस जीत के साथ ही शौर्या अब 100 मीटर बाधा दौड़ की विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गई है. शौर्या की उम्र मात्र 15 वर्ष है और वह दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ यह सफलता हासिल कर रही है, जो वास्तव में काबिल-ए-तारीफ है. शौर्या ठाणे की यूनिवर्सल हाई स्कूल की छात्रा है और पिछले 9 वर्षों से वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक अजीत कुलकर्णी की AIM अकैडमी में प्रशिक्षण ले रही है. अजीत कुलकर्णी अब तक कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार कर चुके हैं.
IPS पिता से मिली तिरंगा लहराने की प्रेरणा
शौर्या की मां रूपाली अंबूरे महाराष्ट्र कैडर की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं. वर्तमान में वे ठाणे हाईवे ट्रैफिक की एसपी (पुलिस अधीक्षक) के पद पर कार्यरत हैं. वे पहली महिला थीं जिन्हें महाराष्ट्र पुलिस अकादमी, नासिक में एडीओडी नियुक्त किया गया था. पुलिस सेवा के साथ-साथ वे एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका और फिटनेस प्रेमी भी हैं. देश सेवा, संगीत और फिटनेस—तीनों में उनका समर्पण उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाता है.
डीसीपी के पद पर हैं कार्यरत
शौर्या के पिता आईपीएस अधिकारी अविनाश अंबूरे वर्तमान में मीरा-भायंदर, वसई-विरार क्षेत्र के अपराध विभाग (क्राइम) के उपायुक्त (DCP) के पद पर कार्यरत हैं. वे गंभीर आपराधिक मामलों की जांच और अपराध नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. हाल ही में कई हाई-प्रोफाइल मामलों की तह तक पहुंचने में उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई है.
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