इस राज्य में अब खाने का तेल खुले में नहीं बिकेगा, लगा बैन
Loose Edible Oil Ban: महाराष्ट्र एफडीए ने ये बड़ा फैसला लिया है. अब दुकानदार खुले में तेल नहीं बेच सकेंगे. खाद्य तेल की पूरी सप्लाई चेन पर सख्ती से नियम लागू किए जाएंगे.

महाराष्ट्र FDA (अन्न एवं औषध प्रशासन) ने बड़ा फैसला लिया. महाराष्ट्र में अब खुले में बिकने वाले खाने के तेल पर प्रतिबंध लग गया है. दुकानदार अब खुला तेल नहीं बेच सकेंगे. तेल के पैकेट पर सोर्स और एक्सपायरी डेट की जानकारी होना अनिवार्य होगा. खुले तेल के मामले में यह पता नहीं चल पाता कि तेल कहां से आया, कैसे आया और उसकी एक्सपायरी डेट क्या है. इसी को देखते हुए अन्न एवं औषध प्रशासन ने खुले तेल की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है. FDA ने इसका कंप्लायंस ऑर्डर निकाला.
महाराष्ट्र में ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग्स, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर FDA की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी अभियान के तहत खाद्य तेल को लेकर भी विशेष जांच और कार्रवाई की गई है. FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने बताया कि खाद्य तेल से जुड़े कारोबारियों के लिए कई कम्प्लायंस ऑर्डर जारी किए गए हैं और अब खाद्य तेल की पूरी सप्लाई चेन पर सख्ती से नियम लागू किए जाएंगे.
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तुकाराम मुंढे ने बताया कि FSSAI ने वर्ष 2011 में मानक और सुरक्षित खाद्य तेल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नियम और गाइडलाइंस जारी की थीं. इन्हीं नियमों के आधार पर FDA ने पिछले कुछ समय में खाद्य तेल उद्योग की जांच की. जांच के दौरान करीब 12 तरह की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं.
बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के चल रहे प्रतिष्ठान
जांच में कई ऐसे प्रतिष्ठान सामने आए जो बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के खाद्य तेल का कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा खाद्य तेल में बड़े पैमाने पर मिलावट किए जाने के मामले भी सामने आए हैं.
FDA को जांच के दौरान सरसों के तेल में मिलावट कर उसकी बिक्री किए जाने की जानकारी मिली. इसके साथ ही एक्सपायरी या एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके तेल की दोबारा पैकिंग कर बाजार में बिक्री किए जाने के मामले भी सामने आए हैं.
मुंढे ने बताया कि खाद्य तेल में जिन चीजों का इस्तेमाल निर्धारित मात्रा से अधिक नहीं किया जाना चाहिए, उनका भी तय सीमा से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने के मामले मिले हैं.
खुले और बिना लेबल वाले तेल की बिक्री पर रोक
FDA ने सबसे बड़ा फैसला खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर लिया है. तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी तरह का खुला यानी लूज खाद्य तेल नहीं बेचा जा सकेगा.
उन्होंने बताया कि बाजार में बड़ी मात्रा में खुले तेल और बिना उचित लेबल वाली पैकिंग में तेल की बिक्री हो रही है. ऐसे तेल पर निर्माता का नाम, निर्माण की तारीख, बैच नंबर और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होती. इससे उपभोक्ता को तेल की गुणवत्ता और उसके स्रोत की जानकारी नहीं मिलती और यह खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है.
100 प्रतिशत सरसों तेल की बिक्री को लेकर नियम
FDA के मुताबिक 8 जून के बाद बिक्री किए जा रहे तेल में सरसों के तेल की मिलावट नहीं की जा सकेगी. यदि सरसों का तेल बेचा जा रहा है तो उसके निर्धारित मानकों का पालन करना होगा. यानी मिलावटी या दूसरे तेलों के साथ मिलाकर सरसों तेल के नाम पर बिक्री करने पर कार्रवाई की जाएगी.
इस्तेमाल किए गए टैंकर और कंटेनर पर भी सख्ती
जांच के दौरान FDA को यह भी पता चला कि जिन टैंकरों में पहले क्रूड या अन्य पदार्थों की ढुलाई की गई थी, उन्हीं टैंकरों का इस्तेमाल खाद्य तेल के परिवहन में किया जा रहा था.
इसके अलावा इस्तेमाल किए गए डिब्बों और कंटेनरों का दोबारा इस्तेमाल कर खाद्य तेल की ढुलाई किए जाने के मामले भी सामने आए हैं. FDA ने अब ऐसे कंटेनरों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही है.
2021 से प्रतिबंधित चीजों की भी बिक्री
FDA कमिश्नर के मुताबिक वर्ष 2021 से कई चीजों पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन इसके बावजूद कुछ जगहों पर प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ अवैध रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं. ऐसे मामलों में भी FDA की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
पिछले साल की कार्रवाई के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि करीब 3 लाख 20 हजार 180 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई थी, जिसकी कीमत लगभग 531 लाख रुपये थी.
पूरी सप्लाई चेन पर लागू होंगे नियम
तुकाराम मुंढे ने बताया कि खाद्य तेल के क्षेत्र में काम करने वाले कारोबारियों के लिए 9 प्रमुख रेगुलेशन लागू किए जा रहे हैं. तेल का निर्माण करने वाले, तेल को शुद्ध करने वाले, स्टोरेज करने वाले, ट्रांसपोर्ट करने वाले और खाद्य तेल बेचने वाली दुकानों सहित पूरी सप्लाई चेन को इन नियमों का पालन करना होगा.
यानी खाद्य तेल बनाने वाली कंपनी से लेकर गोडाउन, ट्रांसपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर और किराना दुकान तक सभी को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा.
यूज तेल को बार-बार इस्तेमाल करने पर रोक
FDA ने तले हुए खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले तेल को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं. एक ही तेल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल करने पर रोक होगी.
तुकाराम मुंढे के मुताबिक बार-बार तेल गर्म करने से उसमें हानिकारक रासायनिक तत्व और एसिड बनने की संभावना बढ़ती है, जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
इसीलिए इस्तेमाल किए गए तेल में TPC यानी टोटल पोलर कंपाउंड्स की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर होना जरूरी होगा. तय सीमा से अधिक TPC वाले तेल का दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
नियम तोड़े तो कड़ी कार्रवाई
FDA ने स्पष्ट किया है कि खाद्य तेल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मिलावटी खाद्य पदार्थ पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर मामलों में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान लागू हो सकता है.
उपभोक्ता कैसे रहें सावधान?
- FDA कमिश्नर ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है.
- खुले या लूज तेल की खरीदारी नहीं करनी चाहिए.
- अगर पैक किया हुआ तेल खरीद रहे हैं तो उपभोक्ता को पैकेट पर लेबल जरूर चेक करना चाहिए.
- बैच नंबर और निर्माण/समाप्ति की तारीख देखनी चाहिए.
- पैकेट या बोतल की सील ठीक है या नहीं, यह जांचना चाहिए.
- निर्माता और उत्पाद से जुड़ी जरूरी जानकारी देखकर ही तेल खरीदना चाहिए.
- बिना लेबल या संदिग्ध पैकिंग वाला खाद्य तेल नहीं खरीदना चाहिए.
FDA का कहना है कि खाद्य तेल की गुणवत्ता और सुरक्षा सिर्फ निर्माता की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरी सप्लाई चेन और उपभोक्ता दोनों की सतर्कता जरूरी है. महाराष्ट्र में खाद्य तेल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज की जाएगी.





















