Sehore News: सीहोर में ढाई दशक बाद भी स्कूल का भवन नहीं, खुले आसमान के नीचे पढ़ने को छात्र मजबूर
Sehore News: आज भी छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं. मामला सीहोर के दशहरा वाले बाग क्षेत्र में स्थित सरकारी स्कूल का है. करीब ढाई दशक बीत जाने के बाद भी स्कूल भवन विहीन है.

Sehore News: एक तरफ प्रदेश सरकार नौनिहालों की पढाई लिखाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर योजनाएं चला रही है. सरकारी स्कूलों में सुविधा मुहैया कराने के बड़े बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत धरातल पर उतरने से जाहिर हो जाती है. सच्चाई ये है कि आज भी छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं. मामला सीहोर के दशहरा वाले बाग क्षेत्र में स्थित सरकारी स्कूल का है. करीब ढाई दशक बीत जाने के बाद भी स्कूल भवन विहीन है. स्कूल का भवन नहीं होने से छात्रों को खुले आसमान तले पढ़ाई करनी पड़ती है.
ढाई दशक बाद भी स्कूल का भवन नहीं, आसमान के पढ़ाई
1996 से संचालित हो रहे स्कूल के लिए किराए पर लिया गया एक कमरे का भवन भी जर्जर हो गया है. भवन के जर्जर होने से खतरे की आशंका बनी रहती है. 41 छात्रों वाले स्कूल में शौचालय की भी सुविधा नहीं है. शौचालय नहीं होने से छात्रों और शिक्षिकों को बाहर जाना पड़ता है. बारिश होने पर स्कूल के छात्रों और स्टाफ की परेशानी बढ़ जाती है. स्कूल में कक्षा एक से लेकर पांचवीं तक की पढ़ाई होती है. स्कूल का भवन बनवाने की मांग को लेकर अधिकारियों और प्रतिनिधियों तक से गुहार लगाई गई, लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं होने से लोग निराश हैं. मामले में सीहोर डीपीसी अनिल श्रीवास्तव का कहना है कि स्कूल का भवन बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने जगह नहीं मिलने का हवाला दिया. उन्होंने आश्वासन दिया कि एसडीएम से चर्चा कर समस्या का हल निकाला जाएगा.
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Source: IOCL
























