धार के कलेक्ट्रेट परिसर में 75 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति की मौत, सिर पर गिरा लोहे का दरवाजा
MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में लोहे का दरवाजा गिरने से 75 वर्षीय परसाराम पन्नालाल जाट की मृत्यु हो गई. वे कार्यालय जा रहे थे तभी यह हादसा हुआ.

मध्य प्रदेश के धार जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार (6 नवंबर) को लोहे का दरवाजा गिरने से 75 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई. उनका नाम परसराम जाट था. अधिकारियों ने बताया कि परसाराम पन्नालाल जाट कलेक्ट्रेट कार्यालय जा रहे थे, तभी लोहे का दरवाजा उन पर गिर गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
चिकित्सा अधिकारी आयुषी जैन ने कहा कि अस्पताल लाने तक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) राहुल गुप्ता ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बुजुर्ग की मौत का जिम्मेदारी कौन?
अब सवाल उठता है कि कलेक्ट्रेट परिसर में हुई बुजुर्ग व्यक्ति की मौत का जिम्मेदार कौन है? लोहे का इतना भारी दरवाजा अचानक कैसे गिर गया? इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?
कलेक्ट्रेट कार्यालय को जिले का सबसे सुरक्षित और जवाबदेह परिसर माना जाता है. यहीं पर गेट गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. इससे सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं.
धार कलेक्ट्रेट में मौजूद चश्मदीदों ने क्या कहा?
लोगों का कहना है कि नौगांव थाना इलाके में स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के कई ऑफिस के बाहर एक बड़ा गेट बना हुआ है. दरवाजों में अंदर की ओर लोहे के दो बड़े गेट हैं. इन्हीं में से एक हिस्सा अचानक बुजुर्ग पर गिर गया था.
चश्मदीदों का कहना है कि वे आसपास ही खड़े थे जब उन्हें कुछ गिरने की तेज आवाज आई. गेट बहुत भारी था, इसलिए करीब 5-6 लोगों ने मिलकर उस गेट को हटाने की कोशिश की और तुरंत बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में डॉक्टर्स ने उनका पल्स और बीपी लेने की कोशिश की लेकिन मॉनिटर ने कुछ भी नहीं दिखाया. उन्हें सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की गई, लेकिन परसराम जाट की जान बचाई नहीं जा सकी. डॉक्टर्स का कहना है कि भारी गेट गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई थी. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
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Source: IOCL


























