Jabalpur News: हाईकोर्ट के आदेश पर 1 साल बाद कब्र से निकाला गया शव, भाई ने जताई हत्या की आशंका
Jabalpur News In Hindi: जबलपुर में हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर एक साल पुराने शव को कब्र से निकाला गया. मृतक गयासुद्दीन की मौत को भाई ने संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका जताई थी.

जबलपुर में बुधवार (8 अप्रैल) को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जब हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद एक साल पुराने शव को कब्र से बाहर निकाला गया. मृतक के भाई ने मौत को संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका जताई थी.
पुलिस से सहयोग न मिलने पर परिजनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद एसडीएम (SDM) और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी निगरानी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मृतक गयासुद्दीन मार्च 2025 में एक सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे. पहले उनका इलाज जबलपुर में चला और बाद में उन्हें नागपुर रेफर कर दिया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उस वक्त पुलिस ने गयासुद्दीन के शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही उसे दफनाने की अनुमति दे दी थी.
भाई का आरोप- जांच में खामियां
मृतक के भाई कसीमुद्दीन कुरैशी का आरोप है कि गयासुद्दीन की मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या हो सकती है. कसीमुद्दीन के मुताबिक, शुरुआत में आई मेडिकल और जांच रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां थीं. उनका आरोप है कि उन्होंने लगातार पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, लेकिन पुलिस ने उनकी दलीलों को अनसुना कर दिया और जल्दबाजी में शव दफन करवा दिया.
पुलिस की अनदेखी के बाद हाईकोर्ट की ली शरण
जब स्थानीय पुलिस से कोई न्याय नहीं मिला, तो कसीमुद्दीन ने मजबूर होकर हाईकोर्ट की शरण ली. मामले की गंभीरता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन को सख्त आदेश दिए.
मेडिकल कॉलेज में होगा पोस्टमार्टम
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बुधवार को प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में गयासुद्दीन के शव को कब्र से निकाला गया. अब शव को पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. हाईकोर्ट ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि बिना किसी देरी के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाए और जल्द से जल्द कोर्ट में 'स्टेटस रिपोर्ट' सौंपी जाए. अब मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही गयासुद्दीन की मौत की असली वजह सामने आ सकेगी.
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Source: IOCL


























