छिंदवाड़ा: आबकारी विभाग के कंट्रोल रूम से आरोपी को छुड़ा ले गए ग्रामीण, मचा हड़कंप
Chhindwara News: छिंदवाड़ा में आबकारी विभाग के कंट्रोल रूम से ग्रामीणों ने एक अवैध शराब बेचने के आरोपी को जबरन छुड़ा लिया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर लिया.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहाँ तहसील कार्यालय के पास स्थित आबकारी विभाग के कंट्रोल रूम से ग्रामीण एक आरोपी को जबरन छुड़ाकर ले गए. दिनदहाड़े हुई इस घटना से प्रशासनिक गलियारों और आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है. जिले में इस तरह की यह पहली घटना बताई जा रही है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार (5 जनवरी) की रात आबकारी अमले को सूचना मिली थी कि लावा घोघरी क्षेत्र के ग्राम पटनिया निवासी प्रहलाद चंद्रवंशी अपने मुजावर स्थित ढाबे पर अवैध रूप से शराब बेच रहा है. सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने ढाबे से 8 पेटी शराब जब्त की और आरोपी प्रहलाद को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले आई.
मंगलवार (6 जनवरी) सुबह करीब 11 बजे, जब विभाग आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रहा था, तभी अचानक बड़ी संख्या में ग्रामीण और आरोपी के परिजन कंट्रोल रूम पहुंच गए. उस समय आरोपी के पास केवल एक सिपाही मौजूद था. भीड़ ने सिपाही के साथ विवाद किया और मौका पाकर आरोपी को अपने साथ ले भागे.
पुलिस की सक्रियता से दोबारा गिरफ्तारी
कंट्रोल रूम से आरोपी के भागने की खबर मिलते ही अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने घेराबंदी कर तत्परता दिखाई और फरार आरोपी को दोबारा पकड़कर आबकारी विभाग के सुपुर्द किया. आबकारी कंट्रोल रूम प्रभारी आकाश मेश्राम ने पुष्टि की है कि अज्ञात लोगों की भीड़ जबरन आरोपी को ले गई थी, जिसकी सूचना पुलिस को समय पर दे दी गई थी. इस मामले में सहायक आयुक्त आबकारी बी आर वैद्य ने बताया कि आबकारी कंट्रोल रूम में सिर्फ 2 आरक्षक थे. इसी दौरान अचानक भीड़ आई और आरोपी को छुड़ा कर ले गए.हमने संबंधित कोतवाली थाने में घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई है.इसके बाद पुलिस ने आरोपी को.गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है.
आरोपी पक्ष ने लगाए मारपीट के आरोप
इस घटनाक्रम के बीच एक नया मोड़ तब आया जब आरोपी और उसके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. पीड़ित प्रहलाद का आरोप है कि उसे आबकारी अमले ने नहीं, बल्कि शराब ठेकेदार के लोगों ने उठाया था. ज्ञापन में दावा किया गया है कि कुछ लोगों ने उसके साथ पाइप से मारपीट की और बाद में आबकारी कार्यालय में छोड़ दिया. परिजनों ने मारपीट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल, पुलिस और आबकारी विभाग दोनों ही पहलुओं की जांच कर रहे हैं. जहाँ एक ओर अवैध शराब और अभिरक्षा से भागने का मामला है, वहीं दूसरी ओर निजी लोगों द्वारा मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















