Lok Sabha Elections 2024: 'खेत में धान लगाने से नहीं बदलेगा 2024 का नतीजा', बाबूलाल मरांडी का राहुल गांधी पर तंज
Jharkhand: बीजेपी नेता ने कहा, 2014 में राहुल गांधी कुली के साथ, खाट सभाओं में गए. 2020 में हाथरस गए उसी तरह 2023 में राहुल कभी ट्रक पर, कभी बाइक रिपेयर करते तो कभी किसान के खेत में दिख रहे हैं.

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें वो धान रोपते नजर आ रहे हैं. वहीं एक तस्वीर में वो ट्रैक्टर चलाते दिख रहे हैं. कांग्रेस इन तस्वीरों को राहुल गांधी का किसानों संग नाता बताकर शेयर कर रही है. वहीं इन तस्वीरो को देखकर झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है. बता दें कि, बीजेपी नेता ने कहा कि, ये सब दिखावा करने से लोकसभा चुनाव 2024 का नतीजा नहीं बदल जाएगा.
बाबूलाल मरांडी का राहुल गांधी पर तंज
दरअसल, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी पर जुबानी हमला करते हुए ट्वीट कर कहा कि, '2009 में राहुल गांधी कलावती के झोपड़ी में गए. 2011 में राहुल गांधी भट्टा पारसौल गए थे... 2014 चुनावों से पहले राहुल गांधी कुली के साथ, खाट सभाओं में गए. 2020 में राहुल गांधी प्रियंका के साथ हाथरस गए थे. उसी तरह 2023 में राहुल गांधी कभी ट्रक पर, कभी बाइक रिपेयर करते तो कभी किसान के खेत में दिख रहे हैं. न उस वक्त नतीजा बदला था न 2024 में रिजल्ट बदलेगा.'
सोनीपत में धान लगाते दिखे राहुल गांधी
दरअसल, राहुल गांधी सात जुलाई की सुबह दिल्ली से शिमला जा रहे थे. इस दौरान वो अचानक हरियाणा के सोनीपत में रुके, जहां उन्होंने किसानों संग खेतों में धान की रोपाई की और ट्रैक्टर चलाया. इसकी तस्वीरें कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से शेयर की गईं. इस दौरान राहुल गांधी किसानों और खेत के मजदूरों के साथ बात करते दिखाई दिए. राहुल गांधी ने सफेद टी-शर्ट पहनी हुई थी और उसमें एक कार्डलेस माइक भी लगाया गया था.
UCC विरोध पर भी बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना
वहीं इससे पहले बाबूलाल मरांडी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि, जब देश मे क्रिमिनल लॉ एक है, तो सिविल लॉ भी एक होना चाहिए. इसमें कांग्रेस को आखिर क्या परेशानी है. यह तो 75 साल पहले हो जाना चाहिए था, क्योंकि संविधान के पैरा 44 में इसका स्पष्ट उल्लेख है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी सरकार को कई बार कह चुकी है.
Source: IOCL






















