CM हेमंत सोरेन बोले, 'छात्रों को पारदर्शिता के साथ मिलेगा न्याय'
Ranchi Protest: रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर CM हेमंत सोरेन ने कहा कि समस्याओं का समाधान ‘लाठी-डंडा-बंदूक’ से नहीं, बल्कि संवाद से ही हो सकता है. हथियार सीमा पर दुश्मनों के लिए होते हैं.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार (09 अगस्त) को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे छात्रों को भरोसा दिलाया कि उन्हें पारदर्शिता के साथ न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि बातचीत से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है, लाठी-डंडे से नहीं, हथियार तो सीमा पर दुश्मनों के लिए होते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगों द्वारा गुमराह किये जाने के प्रति युवाओं को आगाह किया. सोरेन ने कहा कि युवाओं की चिंता उनकी भी चिंता है और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
समस्याओं का समाधान लाठी-डंडा-बंदूक से नहीं होगा- हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, ''झारखंड की आत्मनिर्भरता को स्वीकार न कर पाने वाले निहित स्वार्थी तत्व राज्य में लोकतंत्र को बाधित करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रहे हैं. समस्याओं का समाधान ‘लाठी-डंडा-बंदूक’ से नहीं, बल्कि संवाद से ही हो सकता है.'' सोरेन ने रांची में आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हथियार सीमा पर दुश्मनों के लिए होते हैं. मैं परीक्षा को लेकर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों से वादा करता हूं कि पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय किया जाएगा.''
'विरोधी पार्टियां झूठ फैलाकर युवाओं को गुमराह कर रही'
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि सभी ने देखा कि युवाओं को कैसे प्रताड़ित किया गया, उन्हें पैलेट गन और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और उन्हें देशद्रोही करार दिया गया. भाजपा की तरफ इशारा करते हुए सोरेन ने विरोधी राजनीतिक पार्टियों पर झूठ और गलत जानकारी फैलाकर झारखंड के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें बुद्धिजीवी भी शामिल थे.
आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए- हेमंत सोरेन
उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘इस आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. मैं राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वालों को युवाओं को गुमराह करने के खिलाफ आगाह करता हूं.’’ सोरेन ने दावा किया कि देश भर के राजनीतिक दल झूठ और आधी-अधूरी जानकारी के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, और यहां तक कि जाने-माने विद्वान और पढ़े-लिखे लोग भी इसमें शामिल हैं.
युवा बिना डरे अपनी चिंताएं सीधे सरकार के सामने रखें- हेमंत सोरेन
सीएम सोरेने ने आगे कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि इसका समाज और देश पर कितना नकारात्मक असर पड़ रहा है. इसलिए, मैं अपने युवा साथियों से अपील करूंगा कि वे बिना डरे अपनी चिंताएं सीधे सरकार के सामने रखें. अब हम न केवल आंदोलनों के जरिए प्रयास करेंगे, बल्कि युवाओं के विचारों को उनके घरों से ही जानने की कोशिश भी करेंगे. हम विभिन्न माध्यमों से युवाओं की बात सुनेंगे, उन्हें समझेंगे और उसी के अनुसार व्यवस्था करेंगे.’’
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी- हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, ‘‘अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हमने चोरी पकड़ी है, न्याय भी दिलाएंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे (अपने आंदोलन के लिए) राजनीतिक संरक्षण न मांगें, न्याय आपका अधिकार है. आज हमारे युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं. उन्होंने हिम्मत जुटाई है, आंदोलन किया है और अपना हक मांगा है.’’
'आजादी के इतने सालों बाद भी समाज में असमानता'
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि संविधान देश के प्रत्येक व्यक्ति को, चाहे वह अमीर हो या गरीब, समान अधिकार देता है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने सालों बाद भी समाज में असमानता बनी हुई है. उन्होंने कहा, ‘‘गरीब और गरीब होते जा रहे हैं और अमीर और अमीर होते जा रहे हैं. ये असमानताएं जितनी बढ़ेंगी, समाज और देश में तनाव उतना ही ज्यादा बढ़ेगा.’’ भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया. इसके तहत छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
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