रांची: छात्रों का आंदोलन जारी, 4 मंत्रियों के पुतले फूंके
Student Protest In Ranchi: छात्रों का कहना था कि आंदोलन को लेकर मंत्रियों की ओर से की गई टिप्पणियों से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं.

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ 21 दिन से आंदोलन कर रहे छात्रों ने शुक्रवार शाम रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश यात्रा निकाली. इस दौरान छात्रों ने राज्य सरकार के चार मंत्रियों के पुतले फूंके. छात्र आंदोलन को लेकर मंत्रियों की कथित टिप्पणियों से नाराज छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की के पुतले फूंके.
छात्रों का कहना था कि आंदोलन को लेकर मंत्रियों की ओर से की गई टिप्पणियों से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं. छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए. आक्रोश यात्रा के दौरान छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए इलाके में हलचल की स्थिति बनी रही। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा.
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शनिवार को निकालेंगे तिरंगा यात्रा
आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को रांची में विशाल तिरंगा पदयात्रा निकालने की घोषणा की है. छात्रों के मुताबिक, यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल से शुरू होकर लालपुर, न्यूक्लियस मॉल होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगी. छात्र नेताओं ने दावा किया कि तिरंगा पदयात्रा में झारखंड के सभी 24 जिलों से छात्र शामिल होंगे. इसके लिए छात्रों से शुक्रवार शाम से ही आंदोलन स्थल पर पहुंचने की अपील की गई है। यात्रा का आह्वान रिफॉर्म मंच की ओर से किया गया है.
मंच ने विभिन्न छात्र संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की है. छात्रों ने कहा कि तिरंगा यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण होगी. इसके जरिए वे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे. आंदोलन कर रहे छात्र झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा और जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षाओं को रद्द करना और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच शामिल है.
कई मांगों पर सहमति नहीं बन रही
छात्रों का आरोप है कि परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. छात्रों का कहना है कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन प्रमुख मांगों पर अब तक स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है. छात्रों ने कहा कि तिरंगा पदयात्रा के जरिए वे सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर है.
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