तिरंगा विवाद में महबूबा के बचाव में उतरे CM उमर अब्दुल्ला, जानें क्या बोले?
Jammu Kashmir Politics: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के तिरंगा विवाद को 'अनजाने में हुई गलती' बताया है. इसके साथ ही उन्होंने अनुच्छेद 370 और प्राकृतिक आपदा पर भी अपनी बात रखी.

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी (PDP) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) उल्टा पकड़ने का विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी महबूबा मुफ्ती के बचाव में उतर आए हैं. उमर अब्दुल्ला ने इस पूरे विवाद को 'अनजाने में हुई गलती' करार दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अनुच्छेद 370 और घाटी में प्राकृतिक आपदाओं पर भी अपनी बात रखी.
बुधवार (05 अगस्त) को मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तिरंगा विवाद पर स्पष्ट रूप से महबूबा मुफ्ती का बचाव किया. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकीं कोई नेता जानबूझकर तिरंगे को उल्टा पकड़ेंगी. सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि 'स्टेट हेड' जैसे संवैधानिक पद पर रह चुका कोई भी नेता जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करेगा. इसलिए मेरा मानना है कि महबूबा मुफ्ती से यह गलती अनजाने में हुई होगी."
अनुच्छेद 370 पर केंद्र पर तीखा हमला
बुधवार (05 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ भी थी. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सात साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर के लोगों के जख्म अभी हरे हैं. अब्दुल्ला ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि इतना लंबा समय बीतने के बाद भी जम्मू-कश्मीर को अब तक उसका 'राज्य का दर्जा' (Statehood) वापस नहीं मिला है.
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आपदा पीड़ितों के पुनर्वास पर सरकार का फोकस
हाल ही में घाटी के कुछ क्षेत्रों में खराब मौसम और बादल फटने की घटनाओं से हुए नुकसान पर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जमीन और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है. प्रशासन का पहला प्रयास लापता लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बचाना था. सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, "अब हमारा पूरा ध्यान पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर है. जिन लोगों के मकान तबाह हो गए हैं या इमारतों को नुकसान पहुंचा है, उनकी मदद करने और उन्हें दोबारा बसाने की योजना बनाई जा रही है."
घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, स्थिति सामान्य
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की 7वीं बरसी को देखते हुए घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. एहतियात के तौर पर जगह-जगह पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) को तैनात किया गया था. हालांकि, घाटी में सुबह से ही जनजीवन पूरी तरह सामान्य रहा. सरकारी दफ्तर, बैंक, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय रोजमर्रा की तरह सुचारू रूप से चलते रहे.
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