कश्मीरी पंडितों को धमकी, हत्या करने की मंजूरी लेने के लिए ऑनलाइन पोल! शिकायत दर्ज
Jammu Kashmir News: टेलीग्राम चैनल BuChusKF कश्मीरी पंडितों, प्रवासी निवासियों और सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाकर आपत्तिजनक और धमकी भरा कंटेंट फैला रहा है. साथ ही हत्या-फांसी की धमकी भी दे रहा है.

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी देने और लोगों से हत्याएं शुरू करने की मंजूरी लेने के लिए ऑनलाइन पोल कराने के आरोप में एक टेलीग्राम अकाउंट के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई है. साथ ही, नई दिल्ली में ऑनलाइन साइबर क्राइम सेल में साइबर-उत्पीड़न और आतंकवाद-रोधी शिकायत दर्ज की गई है ताकि तुरंत डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू की जा सके और टेलीग्राम हैंडल के पीछे के IP कॉन्फिगरेशन का पता लगाया जा सके.
यह शिकायत दिल्ली में विनीत जिंदल ने साइबर टेररिज्म सेल में टेलीग्राम चैनल @BuChuskf और समुदाय के प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज कराई है, जिसमें रेकी (निगरानी/जासूसी) की कोशिश की ओर इशारा किया गया है.
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आपत्तिजनक और धमकी भरा कंटेंट फैलाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, टेलीग्राम चैनल BuChusKF कश्मीरी पंडितों, प्रवासी निवासियों और सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाकर बेहद आपत्तिजनक और धमकी भरा कंटेंट फैला रहा है. शिकायत में कहा गया है कि चैनल ने हत्या, फांसी और शारीरिक हमलों की साफ-साफ धमकियां प्रकाशित की हैं.
इनमें गोलियों, शिकार करने, घरों और फसलों को जलाने और निशाना बनाए गए लोगों के लिए श्मशान घाट तैयार करने जैसी बातें शामिल हैं. 11 अगस्त 2026 की एक हालिया पोस्ट में फॉलोअर्स से यह भी पूछा गया है कि क्या फांसी/हत्या की उल्टी गिनती शुरू की जाए, और साथ ही फांसी का समर्थन करने वाला एक पोल भी किया गया है.
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की निजी जानकारी लीक
यह डिजिटल कैंपेन गुमनाम टेलीग्राम चैनलों के जरिए सामने आया था, जहां अपराधियों ने कम से कम छह कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों की बेहद संवेदनशील निजी जानकारी लीक की थी. इसमें पूरे नाम, चालू फोन नंबर, विभाग की जानकारी, परिवार की जानकारी और घर का सटीक पता शामिल था.
शिकायतकर्ता के अनुसार, उस चैनल पर पोस्ट की गई सामग्री से संभावित आतंकवादी/चरमपंथी प्रोपेगैंडा, हिंसा के लिए उकसाने, आपराधिक धमकी और हिंसक कृत्यों की संभावित योजना और समन्वय का संकेत मिलता है.
शिकायतकर्ता ने तुरंत FIR दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है. उनका तर्क है कि चैनल ने फांसी और हिंसा की साफ-साफ धमकियां फैलाई हैं, जिससे जान और कानून-व्यवस्था को संभावित खतरा है.
पुलिस-प्रशासन ने सक्रिया किया सुरक्षा प्रोटोकॉल
इस डिजिटल धमकी वाली लिस्ट के फैलने के बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस बलों ने आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए. एहतियात के तौर पर, प्रशासन ने अल्पसंख्यक PM पैकेज कर्मचारियों-खासकर राजस्व और शिक्षा विभागों जैसी संवेदनशील शाखाओं में काम करने वालों को 25 अगस्त तक घर से काम करने की मौखिक सलाह दी है.
वहीं, सुरक्षा बलों ने घाटी भर में तय ट्रांजिट आवासों और अल्पसंख्यक बस्तियों के आसपास अतिरिक्त विजुअल निगरानी, विशेष गश्त और घेराबंदी के कड़े प्रोटोकॉल लागू किए हैं. इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) कश्मीर, वी.के. बिर्डी ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि साइबर इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियां, कर्मचारियों के गोपनीय इंटरनल डेटा के लीक होने के स्रोत का पता लगाने के लिए ULC दस्तावेज के डिजिटल ट्रेल और उसकी प्रमाणिकता की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं.
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