जम्मू में बना दुनिया का पहला 'संस्कृत मोहल्ला', जानें क्या कुछ होगा यहां खास?
Jammu News: इस मोहल्ले के लोगों ने पहल को अपनाते हुए कई संकल्प लिए, जिनमें पूरे मोहल्ले के प्रवेशद्वार पर संस्कृत में स्वागत बोर्ड की स्थापना. हर घर की नेमप्लेट संस्कृत भाषा में लिखवाना प्रमुख है.

संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जम्मू में विश्व का पहला 'संस्कृत मोहल्ला' बनाया गया है. इस मोहल्ले को देववाणी के पुनरुत्थान की ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है. कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट द्वारा जम्मू के सुभाष नगर एक्सटेंशन-1 को विश्व का पहला 'संस्कृत मोहल्ला' घोषित किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा और एसपी रूरल बृजेश शर्मा ने संयुक्त रूप से किया.
उद्घाटन समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों को संबोधित करते हुए सत शर्मा ने कहा कि कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री प्रदेश में देववाणी संस्कृत के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और जनसामान्य में भी इसकी चेतना जागृत करने का कार्य कर रहे हैं.
'संस्कृत आध्यात्मिक आत्मा'
उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा न केवल भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आत्मा है, अपितु यह विश्व की सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक एवं समृद्ध भाषाओं में से एक है. वैदिक ज्ञान, उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद, योग, ज्योतिष और व्याकरण जैसे अमूल्य ग्रंथ इसी भाषा में प्रणीत हैं. आधुनिकता की दौड़ में जब यह भाषा हाशिए पर चली गई थी, तब इसे पुनर्जीवित करने का यह संकल्प वास्तव में एक सांस्कृतिक क्रांति का सूत्रपात है. एसपी रूरल बृजेश शर्मा ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए कहा कि इसकी पुनर्स्थापना हेतु यह पहल अनुकरणीय एवं प्रशंसनीय है. ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित प्रदेश में देववाणी संस्कृत को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
संस्कृत में होगी हर घर की नेमप्लेट
संस्कृत माह के पावन अवसर पर संस्कृत मोहल्ले का यह भव्य उद्घाटन हुआ. इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में संस्कृत प्रेमियों, छात्र-छात्राओं, विद्वानों और जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही. महंत रोहित शास्त्री ने स्थानीय निवासियों के साथ संवाद कर उन्हें इस सांस्कृतिक आंदोलन का सहभागी बनने हेतु प्रेरित किया. परिणामस्वरूप सुभाष नगर एक्सटेंशन-1 के नागरिकों ने इस पहल को अपनाते हुए अनेक संकल्प लिए, जिनमें प्रमुख हैं- पूरे मोहल्ले के प्रवेशद्वार पर संस्कृत में स्वागत बोर्ड की स्थापना. प्रत्येक घर की नेमप्लेट संस्कृत भाषा में लिखवाना.
'बना राष्ट्रीय मॉडल'
महंत रोहित शास्त्री ने इस संस्कृत मोहल्ले को संस्कृत प्रयोगशाला के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया है. इसके अंतर्गत अब यह पहल एक राष्ट्रीय मॉडल बन चुकी है. देशभर से प्रतिनिधिमंडल इस प्रयोग को देखने जम्मू पहुंच रहे हैं. नगर निगम स्तर पर संस्कृत नामों की स्वीकृति, विद्यालयों में संस्कृत जीवनशैली का प्रोत्साहन, सामाजिक आयोजनों में संस्कृत भाषा का प्रयोग और मोहल्लों में संस्कृत गीतों व श्लोकों की गूंज, यह सब अब एक संभावित भविष्य बन चुका है.























