Jammu & Kashmir: अनुकंपा नियुक्ति में बड़ा बदलाव, प्राकृतिक मौत वाले कर्मचारियों के परिवार भी होंगे पात्र
Jammu News in Hindi: अनुकंपा नियुक्ति नीति में बदलाव करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने प्राकृतिक मृत्यु वाले कर्मचारियों के परिवारों को भी पात्र बनाया. साथ ही पीड़ितों को नौकरी देने पर जोर दिया.

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर की अनुकंपा नियुक्ति नीति में एक बड़ी छूट की घोषणा की. उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को भी नौकरी के लिए योग्य बनाया है, जिनकी मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई थी. उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के सभी पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने के लिए प्रतिबद्ध है.
जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार के सहायता उपायों के तहत आतंकवाद के पीड़ितों के परिजनों (NoKs) को पहले ही 438 नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं. इनमें से कई परिवार ऐसे हैं जो महामारी के दौरान प्रभावित हुए थे. उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय तक, खासकर महामारी के दौरान, बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई. मैं उनके दर्द को समझता हूं. उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन ऐसे परिवारों तक पहुंचने के लिए प्रयास कर रहा है.
उज्ज्वल भविष्य का आकांक्षी है युवा- उपराज्यपाल
Handed over appointment letters to the families of terror victims of Jammu Division.
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) March 23, 2026
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आगे कहा कि जीवन में कुछ ऐसे क्षण आते हैं, जब शब्द छोटे और लगभग असहाय मालूम पड़ते हैं. 15 मार्च को श्रीनगर के कार्यक्रम को मिलाकर पिछले सात कार्यक्रमों में, जब भी पीड़ित परिवारों से मिलने और बातचीत करने का अवसर मिला है. तब-तब यह अहसास हुआ है कि मानवीय पीड़ा का विस्तार भाषा की सीमाओं को पार कर जाता है. मैं मानता हूं कि जिन परिवारों ने जो कुछ पीड़ा सही है. उनके भीतर जो कुछ टूट गया है, उसे कोई शब्द जुबान नहीं दे सकते न ही शब्द उसे जोड़ सकते हैं. शब्द सिर्फ एक कोशिश कर सकते हैं कि वर्षों तक सहे गए आपके दर्द को देश और दुनिया के सामने रखा जा सके.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद से पीड़ित परिवार सम्मानपूर्ण और गरिमापूर्ण जीवन जी सकें, इसके लिए जम्मू-कश्मीर का प्रशासन प्रतिबद्ध है. आपके प्रति हर एक कर्तव्य को पूरी सिद्दत से निभाने की कोशिश की जाएगी. जब तक हर आतंकवाद से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, यह प्रयास जारी रहेगा. मैं समाज के सभी लोगों से भी निवेदन करूंगा कि हम आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं. जम्मू-कश्मीर का युवा उज्ज्वल भविष्य का आकांक्षी है. वह एक बेहतर जीवन जीना चाहता है. इसलिए हम सबका सामूहिक दायित्व है कि हमारे युवाओं को वैसा भविष्य और जीवन मिले, जैसा वे चाहते हैं. ताकि वे अपना बेहतर जीवन निर्मित कर सकें.
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लंबित मामलों का समाधान करें प्रशासन- सिन्हा
उपराज्यपाल ने बताया कि उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे लंबित मामलों को जल्द से जल्द सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को भेजकर उनका निपटारा तेज करें और साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि हर मामले का उचित सत्यापन हो. उन्होंने कहा कि हर आवेदन पर पूरी तरह से सत्यापन और मंजूरी के बाद ही कार्रवाई की जाती है. हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति इस योजना का लाभ न उठा पाए.
नीति में हुए इस अहम बदलाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के वे परिवार, जिनकी मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई थी और जो पहले नियमों के दायरे में नहीं आते थे. अब नियमों में छूट के बाद अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में शामिल किए जा रहे हैं. उन्होंने इस पहल को शोक संतप्त परिवारों को राहत पहुंचाने और उनके जख्मों पर मरहम लगाने का एक प्रयास बताया.
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