Delhi: दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन मिलाप' लापता बच्चों के लिए बना वरदान, 5 नाबालिगों की सकुशल घर वापसी
Delhi News: साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 13 से 17 साल के बीच के पांच नाबालिग बच्चों को आधुनिक तकनीकों की मदद से सकुशल उनके परिवारों से मिलाया.

Delhi Crime News: दिल्ली की साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन मिलाप अभियान के तहत एक और उपलब्धि हासिल की. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पांच लापता नाबालिग बच्चों को सकुशल उनके परिवारों से मिलाया है. इनमें तीन लड़कियां और दो लड़के हैं, जिनकी उम्र 13 से 17 साल के बीच है. ये बच्चे अलग-अलग स्थानों से लापता हो गए थे. पुलिस टीम की सतर्कता, अथक प्रयास और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से इन सभी बच्चों को सुरक्षित खोज निकाला गया.
डीसीपी सुरेंद्र चौधरी ने के अनुसार, 28 मई 2024 को किशनगढ़ थाना में एक 15 वर्षीय किशोर के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. इस मामले में स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई थी, लेकिन लड़के का कुछ पता नहीं चल पाया. इसके बाद एएचटीयू की टीम को किशोर की बरामदगी का जिम्मा सौंपा गया था. वहीं 8 फरवरी 2025 को एक अन्य मामले में पालम विलेज थाना में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी.
तीनों मामलों में पुलिस को नहीं मिला था सुराग
इसके अलावा 5 मार्च 2025 को पालम विलेज थाना में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की भी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. इन तीनों ही मामलों में थाना पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद एएचटीयू के इंचार्च इंस्पेक्टर बलबीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई राम गोपाल, महिला हेड कॉन्स्टेबल शर्मिला और महिला कॉन्स्टेबल सीमा शामिल थे.
पुलिस टीम ने बच्चों के परिवारों से बातचीत की, उनके दोस्तों से पूछताछ की और गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय किया. टीम ने विभिन्न संस्थानों, पुलिस अधिकारियों और अन्य सूत्रों की भी मदद ली. इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज की जांच, मोबाइल ट्रैकिंग और व्यापक ग्राउंड वर्क भी की गई, जिससे मिली जानकारियों के आधार पर टीम ने गुमशुदाओं को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया.
झारखंड और दिल्ली से बरामद हुए लापता
डीसीपी ने बताया, "लापता किशोर को झारखंड के देवघर जिला स्थित मोहनपुर इलाके से बरामद किया गया. जबकि दोनों किशोरियों को क्रमशः दिल्ली के राजनगर पार्ट-2, पालम और रामफल चौक, द्वारका से सुरक्षित बरामद किया गया, जिन्हें आधिकारिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया."
ऐसे ही दो अन्य मामलों में केशवपुरम और स्वरूप नगर थाना में 5 मार्च 2025 और 06 मार्च 2025 को क्रमशः 17 और 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. इन मामलों में भी शुरुआती छानबीन में स्थानीय पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा. जिसके बाद एएचटीयू के इंचार्च इंस्पेक्टर बलबीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई.
इसमें महिला एसआई शिल्पी, एएसआई शेषपाल, महिला हेड संगीता शामिल थे. टीम ने परिवार और दोस्तों से पूछताछ की, गुप्त सूत्रों को सक्रिय किया और मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की सहायता से क्रमशः केशवपुरम और नई दिल्ली स्टेशन से बरामद कर लिया. जिन्हें आधिकारिक औपचारिकताओं के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया.
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Source: IOCL





















