कुरुक्षेत्र में बवाल, CM आवास का घेराव करने पहुंचे NHM कर्मचारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल, जानें क्या हैं मांगें?
Kurukshetra News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास का घेराव करने पहुंचे एनएचएम (NHM) कर्मचारियों को हटाने के लिए पानी की बौछारें की.

Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार (23 मार्च) को जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान नाराज कर्मचारी सीएम आवास का घेराव करने भी पहुंचे. कर्मचारियों के उग्र रूप को देखते हुए पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया.
पुलिस ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर रहे एनएचएम कर्मचारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई लोग जख्मी भी हुए हैं. पुलिस की बैरिकेडिंग को प्रदर्शनकारी कर्मचारी गिराते भी दिखे. जिसके बाद मामला बिगड़ता देख पुलिस के जवानों ने वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की.
#WATCH | हरियाणा | कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 23, 2025
NHM कर्मचारी कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें NHM सेवा नियम 2018 (छठे वेतन आयोग) के अनुसार जनवरी और जुलाई 2024 के… pic.twitter.com/lCPhEmaYtA
बेरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी कर्मचारी
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हटाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. कर्मचारी पहले सीएम आवास के पास ही जिंदल चौक पर धरना देकर प्रदर्शन करते रहे. पुलिस ने इस जगह के आसपास बेरिकेडिंग की थी. जब प्रदर्शनकारियों के सब्र का बांध टूट गया तो वे बेरिकेडिंग को हटाने की पूरी कोशिश करते हुए आगे बढ़ने लगे. इसके बाद पुलिस ने उनके ऊपर पानी की बौछारें कीं.
NHM कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक NHM कर्मचारी कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें NHM सेवा नियम 2018 (छठे वेतन आयोग) के अनुसार जनवरी और जुलाई 2024 के लिए लंबित महंगाई भत्ता (DA) जारी करना और सातवें वेतन आयोग के लाभों को लागू करना शामिल है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 2 नवंबर, 2021 को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी थी.
इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने मांग की है कि 2017 से 2024 तक की हड़ताल और आंदोलन अवधि को ड्यूटी अवधि के रूप में गिना जाए और उसी के अनुसार वेतन जारी किया जाए.
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Source: IOCL





















