Bhiwani Teacher Case: भिवानी में मनीषा का अंतिम संस्कार, न्याय की आस में परिवार, पिता बोले- 'कोई जानवर किसी के सर...'
Bhiwani Teacher Death Case: भिवानी में महिला टीचर मनीषा का नौ दिन बाद अंतिम संस्कार हुआ, भाई नितेश ने मुखाग्नि दी. परिवार ने आत्महत्या की थ्योरी को खारिज कर सीबीआई जांच से न्याय की उम्मीद जताई.

हरियाणा के भिवानी में आज (21 अगस्त) सुबह महिला टीचर मनीषा का नौ दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. मनीषा को उनके छोटे भाई नितेश ने मुखाग्नि दी.
वहीं मनीषा के पिता संजय और चाचा समेत पूरा परिवार अब भी न्याय की आस लगाए बैठा है. फिलहाल परिवार की नजर सीबीआई जांच पर टिकी हुई है. परिवार ने बार-बार यह साफ किया है कि मनीषा ने आत्महत्या नहीं की थी.
मेरी लड़की को न्याय मिले- मनीषा के पिता
मनीषा के पिता संजय ने एएनआई को दिए बयान में कहा, "मेरी यही मांग है कि मेरी लड़की को न्याय मिले और जनता खुशी से उसका समर्थन करे, अब जो पब्लिक है वो तय करेगी की क्या करना है, मेरी बेटी से मेरी आखिरी बात चीत उसके कॉलेज के दाखिले को लेकर हुई थी."
उन्हें आत्महत्या की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि वो सब फ्रॉड बात है, इसके साथ ही जानवर द्वारा हमले पर भी उन्होंने कहा ये सब झूठ है, कोई जानवर शरीर छोड़कर किसी के सर को नोच सकता है, ये कभी नहीं हुआ.
किसी से नहीं था कोई विवाद- मनीषा की मां
वहीं मनीषा की मां ने भी अपनी बेटी की मौत पर न्याय की मांग की है. उन्होंने भी साफ तौर पर आत्महत्या की बात से साफ इंकार किया है. उन्होंने बताया कि आखिरी बार न कोई झगड़ा हुआ था और न ही किसी तरह को कोई विवाद चल रहा था.
CBI की जांच मंजूर होगी- मनीषा के चाचा
मनीषा के चाचा रवींद्र ने कहा, "उन्होंने बताया कि हमारी सरकार से दो ही मांगे थी, पहली AIIMS में मनीषा का दोबारा पोस्टमार्टम हो और इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए. ये दोनों ही मांगे सरकार ने मांग ली है. आगे सीबीआई जो भी जांच करेगी हमें वो मंजूर होगा." वहीं उन्होंने आत्महत्या की बात पर अभी कुछ कहने से मना कर दिया है.
बता दें कि धरना प्रदर्शन बीती रात को ही समाप्त हो गया था. ग्रामीणों ने धरनास्थल खाली कर दिया और गांव जाने वाले सभी रास्ते खोल दिए गए. इसके बाद आज अंतिम संस्कार हुआ. आईजी राजश्री ने परिजनों को सांत्वना दी.
एसडीएम मनोज दलाल ने क्या कहा?
लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल ने कहा कि स्थानीय जनभावनाओं अनुसार मामले की सीबीआई जांच करवाई जा रही है, जो संभावित बिंदु छूटे उन्हें सीबीआई पूरा करेगी. सीबीआई जांच में कुछ अलग मिलता है तो राज्य सरकार सजा दिलाएगी.
वहीं किसान नेता गुरनाम सिंह चरणी ने कहा कि एम्स से पोस्टमार्टम करने और सीबीआई जांच की मांग पूरा होने से आंदोलनकारी संतुष्ट हैं, फिर भी पूरी मामले पर नजर रखेंगे. आंदोलन की समाप्ति के साथ ही मुकदमों व गिरफ्तारियों को वापस लिया जाता है, यदि इस मामले में आंदोलनकारियों पर मुकदमे हो तो वापस लिए जाए.
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