Gujarat News: गुजरात में पूर्व विधायकों ने उठाई पेंशन की मांग, इकलौता राज्य जहां विधायकों को नहीं मिलती पेंशन
MLA PENSION: गुजरात के पूर्व विधायकों ने मांग की है कि अन्य राज्यों की तरह उन्हें भी पेंशन दी जाए.

MLA PENSION: गुजरात के पूर्व विधायक अपने लिए पेंशन और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. मालूम हो कि गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पूर्व विधायकों के लिए किसी भी तरह की पेंशन योजना नहीं है. राज्य के पूर्व विधायकों की परिषद की मंगलवार को बैठक हुई, जिसमें विधायकों ने अपने मुद्दे रखे. विधायकों ने अफसोस जताया कि अधिकारी उनकी लंबे समय से लंबित मांग पर ध्यान नहीं देते हैं.
एक पूर्व विधायक ने कहा कि हमारे निर्वाचन क्षेत्र के लोग अभी भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए हमसे संपर्क करते हैं, लेकिन जब हम अधिकारियों को बुलाते हैं तो कई बार हमें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता. इस बैठक में 2 दर्जन से अधिक विधायक शामिल हुए. परिषद के अध्यक्ष और पूर्व विधायक बाबूभाई मेघजी शाह ने कहा कि पेंशन और चिकित्सा बीमा के लिए कई बार आवेदन किया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में 38 विधायकों की मौत हुई, उनमें से कई के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे.
पूर्व विधायकों के लिए कहां कितनी पेंशन
गुजरात को छोड़ दे तो देश के प्रत्येक राज्य में पूर्व विधायकों को पेंशन मिलती है. यूपी में प्रति माह 25 हजार, जबकि 5 साल पूरा करने वाले विधायकों को हर साल 2 हजार रुपए बढ़कर मिलते हैं. मध्य प्रदेश में 20 रुपए पेंशन मिलती है, जबकि 5 साल से ज्यादा विधायकर रहने वालों को प्रति वर्ष 800 रुपए पेंशन दी जाती है. वहीं राजस्थान में 5 साल पूरा करने वाले विधायक को 35 हजार रुपए पेंशन दी जाती है. वहीं यदि कोई दूसरी बार विधायक बनता है तो उसे दो कार्यकाल पूरा करने के बाद हर महीने 43 हजार रुपए मिलेंगे.
हिमाचल प्रदेश में 5 साल पूरा करने पर 36 हजार रुपए पेंशन मिलती है. इसके बाद एक बार और विधायक रहने पर 5 हजार रुपए अतिरिक्त पेंशन दी जाती है. वहीं झारखंड में एक बार विधायक बनने पर 40 हजार रुपए की पेंशन निर्धारित है. हर साल इसमें 4 हजार की वृद्धि होती है लेकिन अधिकतम पेंशन 1 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती.
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