व्यापारियों ने सराहा Budget 2026, 'विकसित भारत 2047' और MSME के लिए बताया ऐतिहासिक
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 को व्यापारिक संगठनों ने 'विकसित भारत 2047' की दिशा में मजबूत कदम बताया है. एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला उद्यमिता, और युवा क्रिएटर्स पर विशेष ध्यान दिया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर देश के व्यापारिक संगठनों, उद्योग जगत और विभिन्न वर्गों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सहित कई संगठनों के पदाधिकारियों ने इस बजट को विकसित भारत 2047 की दिशा में मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया है.
सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट मूल रूप से भारत के युवाओं का बजट है. उन्होंने इसे एक शब्द में इंक्लूसिव और कन्क्लूसिव बजट बताया, जो विकसित भारत 2047 की यात्रा को मजबूती देगा. उनके अनुसार बजट में अर्थव्यवस्था के लगभग हर अहम क्षेत्र को बारीकी से छुआ गया है.
एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए एमएसएमई चैंपियन की अवधारणा, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए जलमार्गों का पूर्ण उपयोग और रेलवे कॉरिडोर के विस्तार जैसे कदम बेहद अहम हैं. इससे व्यापार सुगमता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा मिलेगा.
महिला उद्यमिता, युवा क्रिएटर्स और किसानों को नई ताकत
खंडेलवाल ने बताया कि SHE स्कीम के जरिए महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है. वहीं देशभर में कंटेंट क्रिएटर लैब खोलने की घोषणा युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी. किसानों और नॉन-कॉर्पोरेट वर्ग के लिए किए गए प्रावधान भी बजट को संतुलित बनाते हैं.
स्वदेशी, निर्यात और एनआरआई निवेश को बढ़ावा
कस्टम ड्यूटी में कटौती कर स्वदेशी अभियान को गति देने का प्रयास किया गया है, जिससे निर्यात में बड़े स्तर पर वृद्धि की संभावना है. साथ ही नॉन-रेसिडेंट इंडियन को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की नीति को भी बजट में खूबसूरती से शामिल किया गया है.
मोदी 3.0 का तीसरा बजट, विकास का स्पष्ट रोडमैप: सुमित अग्रवाल
कैट नेता एवं मार्बल कारोबारी सुमित अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट अत्यंत सकारात्मक और विकासोन्मुख है. यह मोदी 3.0 सरकार का तीसरा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट है. बजट युवाओं, किसानों, गरीबों, व्यापारियों, एमएसएमई और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखता है.
तेज जीडीपी ग्रोथ और नियंत्रित फिस्कल डेफिसिट का भरोसा
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत से अधिक की मजबूत जीडीपी ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रही है. फिस्कल डेफिसिट को बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाए रखना सरकार के अनुशासित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है.
एमएसएमई और रोजगार सृजन के लिए बड़े ऐलान
सुमित अग्रवाल के अनुसार एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान छोटे व्यापारियों, उद्योगों और निर्माताओं के लिए बड़ा सहारा बनेगा. रोजगार गारंटी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने का स्पष्ट रोडमैप बजट में दिखता है.
पीएलआई, सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती
उन्होंने बताया कि पीएलआई के लिए 40,000 करोड़ रुपये और आईएसएम 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान तकनीकी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाएगा. टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने से लाखों व्यापारियों, कारीगरों और श्रमिकों को नए अवसर मिलेंगे.
किसानों और एमएसएमई के लिए शानदार बजट: मनोज गोयल
एग्रीप्रेन्योर उत्क्रांति फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि यह बजट किसानों और एमएसएमई दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है. किसानों के लिए डेडिकेटेड रिसर्च आधारित स्कीम्स उत्पादकता बढ़ाने और जोखिम कम करने में मदद करेंगी. वहीं एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का डेडिकेटेड फंड आत्मनिर्भर और स्वदेशी भारत की दिशा में बड़ा कदम है.
स्वास्थ्य और सस्ती दवाओं पर भी जोर: आशीष ग्रोवर
ड्रग डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष ग्रोवर ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी भारत के सपने को साकार करने वाला है. जेनेरिक, पेटेंट और कैंसर से जुड़ी हाई एंड दवाओं को सस्ता किए जाने से आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा. समय के साथ इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.
2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाने का रोडमैप: शंकर ठक्कर
अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैट के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने इसे दूरदर्शी और देश को मजबूत बनाने वाला बजट बताया. उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ और उत्पादन बढ़ाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा.
संतुलित बजट, हर वर्ग के लिए अवसर
शंकर ठक्कर के अनुसार किसानों, मजदूरों और व्यापारियों सभी को ध्यान में रखते हुए यह एक संतुलित बजट है. 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में यह बजट एक मजबूत नींव रखता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया.
























