दिल्ली में मानसून ने दी दस्तक, क्यों हुई 2 दिन की देरी? मौसम विभाग ने बताई वजह
Delhi Monsoon: देश के कई हिस्सों में मानसून ने 27 जून को ही दस्तक दे दी थी, लेकिन मानसून ने दिल्ली पहुंचने में दो दिन की देरी कर दी. अब आईएमडी ने इसके पीछे की वजह बताई है.

Delhi Monsoon: दिल्ली में मानसून सामान्य तिथि 27 जून के दो दिन बाद पहुंच गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि देश के शेष हिस्सों में यह सामान्य तिथि आठ जुलाई से नौ दिन पहले फैल चुका है. आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 2020 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून पूरे देश में इतनी जल्दी फैल चुका है. मौसम विभाग ने दिल्ली में भारी बारिश की संभावना जताई है.
आमतौर पर मानसून एक जून को केरल पहुंचता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है. इसकी वापसी उत्तर पश्चिम भारत से लगभग 17 सितंबर से शुरू होती है और 15 अक्टूबर तक यह पूरी हो जाती है. इस वर्ष मानसून 24 मई को केरल पहुंचा, जो भारतीय उपमहाद्वीप में इसका 2009 के बाद सबसे जल्दी आगमन है. वर्ष 2009 में मानसून 23 मई को केरल पहुंचा था.
इस वजह से तेजी से आगे बढ़ा मानसून
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर बने निम्न दबाव तंत्रों के कारण मानसून अगले कुछ दिनों तेजी से आगे बढ़ा और 29 मई तक मुंबई समेत मध्य महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच गया. हालांकि इसके बाद मानसून के आगे बढ़ने की गति लगभग 18 दिनों तक (29 मई से 16 जून तक) स्थिर रही.
दिल्ली में इस वजह से देरी से पहुंचा मानसून
बाद के दिनों में मानसून धीरे-धीरे देश के शेष हिस्सों में पहुंचा, लेकिन दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में इसके आगमन में देरी हुई. इसकी वजह इस क्षेत्र में सक्रिय प्रतिचक्रवातीय हवाएं थीं, जिन्होंने मानसूनी धाराओं के प्रवाह में बाधा डाली.
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