'मजबूत भारत के लिए...', दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिया महिला सशक्तिकरण पर जोर
Delhi News: महिला सशक्तिकरण पर दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने महिलाओं की उपलब्धियों, अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका पर जोर दिया.

Vijender Gupta News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को ध्यान में रखकर दिल्ली के एक विश्वविद्यालय में सोमवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों और समाज में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है.
बिना महिलाओं की भागीदारी के देश आगे नहीं बढ़ सकता
विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी देश तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब तक महिलाएं उसमें सक्रिय रूप से भाग नहीं लेतीं. उन्होंने महिलाओं को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि अगर भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है, तो लैंगिक समानता (Gender Equality) सुनिश्चित करनी होगी.
इस साल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “एक्सीलरेट एक्शन” (Accelerate Action) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के अवसरों को बढ़ाने के लिए तेज गति से ठोस कदम उठाने होंगे.
हर क्षेत्र में नया मुकाम हासिल कर रही हैं महिलाएं
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारतीय महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं. वह अब केवल पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान, खेल, व्यवसाय, राजनीति और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं.
विजेंद्र गुप्ता ने दिए आंकड़ों
• भारत का लिंगानुपात (Sex Ratio) 2014 में 918 था, जो 2022 में बढ़कर 933 हो गया.
• 2017-18 में देश में महिला श्रमिकों की भागीदारी 23% थी, जो 2023-24 में बढ़कर 42% हो गई.
• भारतीय सशस्त्र बलों (Armed Forces) में महिला अधिकारियों की संख्या 2015 के बाद से 3.5 गुना बढ़ी है.
• देश के 48% स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक है.
• भारत में STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) ग्रेजुएट्स में 50% महिलाएं हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है.
सरकारी योजनाएं बनीं सहायक
उन्होंने सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए खातों में 56% महिलाओं के नाम पर हैं, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए गए ऋणों में 70% ऋण महिलाओं को मिले, जिससे वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें. उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हुआ.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा घर महिलाओं के नाम पर दिए गए, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिली.महिला आरक्षण विधेयक पारित होने से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है.
महिला सशक्तिकरण केवल अधिकार नहीं, अवसर भी जरूरी
उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने के अवसर भी देने होंगे. उन्होंने समाज से अपील की कि परिवार, कार्यस्थल और समाज में महिलाओं को सम्मान और समर्थन दें.
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक दिन का एजेंडा नहीं, बल्कि यह एक निरंतर प्रयास है. अगर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, तो हमें अपनी सोच बदलनी होगी और स्वीकार करना होगा कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के समान हैं.
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Source: IOCL

























