Raigarh News: ट्रैकिंग और मुनादी के बाद नहीं रुक रहा हाथियों का हमला, रायगढ़ में किसान को कुचलकर मार डाला
Chhattisgarh Elephant Attack: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों के हमले से बचने के लिए ट्रैकर का इस्तेमाल किया जा रहा है. लेकिन फिर एक उत्पाती हाथी बार-बार वन विभाग को चकमा दे रहा है.

Chhattisgarh News: रायगढ़ (Raigarh) जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों (Elephants) का उत्पात रोकने के लिए वन विभाग (Forest Department) खास योजना के साथ काम कर रहा है. वहीं, दूसरी ओर शनिवार देर रात एक हाथी ने अपने खेत की रखवाली करने जा रहे किसान को पैरों तले रौंद कर मौत के घाट उतार दिया. हाथी की रातभर ट्रैक किया जा रहा था, हाथी ने आगे वन विभाग के ट्रैकर पर भी हमला कर दिया और उसे घायल कर दिया, जिसने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई.
छाल रेंज के रनाई खेत के पास बीती रात तकरीबन 10 बजे पवन कुमार राठिया अपने खेत की रखवाली के लिए जा रहा था. इसी दौरान हाटी बीट में विचरण कर रहे हाथी के साथ उसका आमना-सामना हो गया और हाथी ने किसान को मौके पर ही कुचल दिया. हालांकि लोगों ने किसी तरह उसे अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. हाथी ने ट्रैकर राजेन्द्र राठिया पर भी हमला कर दिया और उसे घायल कर दिया.
मुनादी कराने के बाद भी हाथी से बचना हुआ मुश्किल
विभाग के अनुसार हाटी बीट में पिछले कुछ दिनों से कोरबा का एक हाथी विचरण कर रहा है. जिसे लेकर वन विभाग ने ग्राम पंचायत में मुनादी भी कराई और ट्रैकरों की एक टीम लगातार उस पर नजर रखे हुए थी. इसके बाद भी बीती रात हादसा हो गया और हाथी ने ग्रामीण को कुचल दिया.
अब तक 56 ग्रामीणों की मौत
अब तक छाल रेंज में हाथी 56 ग्रामवासियों को मौत की नींद सुला चुके हैं. जबकि छाल रेंज में ही 27 हाथियों की भी अब तक मौत हो चुकी है. आए दिन कभी हाथी तो कभी ग्रामीण की मौत का सिलसिला चला आ रहा है. धरमजयगढ़ डीएफओ अभिषेक जोगावत ने भी हाथी के हमले की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि हाटी बीट के ग्राम सिथरा के पास हाथी ने एक किसान को कुचल कर मार डाला. हाथी ने ट्रैकर पर भी हमला कर उसे घायल कर दिया है. इसमें मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि दी गई है.
Source: IOCL

























