छत्तीसगढ़ में महंगी हुई बिजली, जानें- प्रति यूनिट कितने बढ़े दाम?
Chhattisgarh News: बिजली महंगी करने के पीछे सरकार ने लाइन लॉस, बिजली चोरी से हो रहे नुकसान का हवाला दिया है. इसकी भरपाई के लिए ये फैसला लिया है.

छत्तीसगढ़ में आम आदमी को बिजली का झटका जोर से लगा है. दरअसल छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने बिजली का नया टैरिफ जारी कर दिया है. नए टैरिफ के मुताबिक बिजली की दरों में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की बढोत्तरी की गई है. इसी तरह कमर्शियल और कृषि उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल में अतिरिक्त शुल्क देना होगा.
जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें बढाने के पीछे सरकार ने नुकसान की भरपाई का कारण दिया है. विद्युत वितरण कंपनी के नुकसान की भरपाई आम उपभोक्ताओं को करना होगा.
विद्युत वितरण कम्पनियों के 4550 करोड़ का घाटा
दरअसल राज्य विद्युत वितरण (CSPDCL) कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग को 20 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था. इसके पीछे विद्युत वितरण कंपनी ने करीब 4550 करोड रुपए के घाटे का हवाला दिया था. कंपनी ने यह भी तर्क दिया की लाइन लॉस और बिजली चोरी के चलते कंपनी को लगातार राजस्व में बड़ा घाटा उठाना पड़ रहा है. जिसकी भरपाई के लिए विद्युत धारों में बढ़ोतरी बेहद जरूरी हो गई है.
छत्तीसगढ़ में 65 लाख से ज्यादा विद्युत उपभोक्ता
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के पूरे प्रदेश में 65 लाख से अधिक उपभोक्ता है. यह उपभोक्ता बीपीएल, घरेलू ,कमर्शियल और कृषि कैटेगरी में बंटे हुए हैं. सरकार के मुताबिक बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं पर काम और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर बढ़े हुए टैरिफ का ज्यादा भार पड़ेगा.
नए टैरिफ का गणित
मान लीजिए यदि आप 300 यूनिट प्रति माह का उपयोग करते हैं, तो आपको 300 x 0.10 = 30 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा .
(10 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि मानते हुए). यदि आप 500 यूनिट प्रति माह का उपयोग करते हैं, तो आपको 500 x 0.25 = 125 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा. (25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि मानते हुए).
कांग्रेस ने किया बढ़ी हुई दरों का विरोध
छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने विरोध किया है. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की जनता को सस्ती बिजली, सस्ता पानी और कई मुफ्त की योजनाओं का लालच देकर वोट बटोर लिए. पर अब आम जनता पर बोझ बढ़ाकर बड़ी-बड़ी विद्युत कंपनियां के खजाने भरने की कोशिश की जा रही है . इसको लेकर कांग्रेस प्रदेश भर में आंदोलन की चेतावनी भी दे रही है.
पिछली बार जून 2024 में बढ़ाई गईं थी बिजली की दरें
छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग में इससे पहले जून 2024 में विद्युत की तरह बढ़ाई थी. साल 2023 में चुनावी साल होने के चलते बिजली की दरें नही बढ़ाई गईं थी, और छत्तीसगढ़ के लोगों को कुछ राहत दी गई थी. लेकिन अब अगले 4 साल कोई चुनाव ना होने के चलते छत्तीसगढ़ के लोगों को महंगी बिजली से राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही.
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Source: IOCL






















