छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में बड़ी कार्रवाई, EOW ने DFO अशोक पटेल को किया गिरफ्तार
Chhattisgarh News: आरोप है कि पटेल ने तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में करोड़ों रुपयों का हेरफेर किया था. पहली बार है कि EOW ने किसी DFO को गिरफ्तार किया.

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में हुए तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है इस मामले में आरोपी डीएफओ अशोक पटेल को EOW ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. जहां से निलंबित डीएफओ को 23 अप्रैल तक ईओडब्ल्यू की डिमांड पर भेज दिया गया है . अशोक पटेल पर आरोप है उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों को मिलने वाले बोनस की करोड़ों की राशि मैं हेरफेर किया है.
गुरुवार (17 अप्रैल) को EOW-ACB की टीम ने सुकमा से निलंबित DFO अशोक पटेल को गिरफ्तार कर रायपुर स्पेशल कोर्ट में पेश किया . ऐसा पहली बार हुआ है जब EOW ने किसी DFO को गिरफ्तार किया है. EOW ने अशोक पटेल को स्पेशल कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी.
एक महीने पहले EOW-ACB ने की थी छापेमार कार्यवाई
दरअसल निलंबित DFO अशोक पटेल पर आरोप है कि उन्होंने तेंदूपत्ता प्रबन्धको के साथ मिल कर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों को मिलने वाले करोड़ो के बोनस में हेरफेर कर राशि आपस मे बांट ली. जिसके चलते मजदूरों को बोनस का एक पैसा तक नहीं मिला. जिसके बाद करीब 1 महीने पहले EOW- ACB की टीम ने अशोक पटेल के निवास और ऑफिस पर दबिश दी थी. साथ ही रायगढ के कृष्णा वाटिका और पैतृक गांव झालमुड़ा में भी कार्यवाई की थी.
EOW और ACB को छापेमारी में क्या क्या मिला था
पिछले दिनों EOW - ACB की टीम को छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ ,मोबाईल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कई बैंक खातों की जानकारी और निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज़ भी मिले थे. सबसे बड़ी चौकाने वाली बात की DFO कार्यालय के कर्मचारी राजशेखर पौराणिक के घर से 26 लाख 63 हज़ार 700 रुपये बरामद हुए थे.
क्या है पूरा मामला
दरअसल सुकमा जिले के वन अधिकारी अशोक पटेल और उनके साथियों पर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में बड़ा घोटाला करने का आरोप है. ये घोटाला साल 2021- 2022 के तेंदूपत्ता संग्रहन सीजन से जुड़ा हुआ है. जिसमें बोनस की करीब 7 करोड़ रुपये की राशि तेंदूपत्ता संग्रहको को दी जानी थी, जिसे अधिकारियों ने साठगांठ कर एक बड़ी रकम खुद ही रख ली और मजदूरों के खाते में एक पैसा भी नही पहुंचा.
EOW और ACB की जाँच में ये भी खुलासा हुआ था कि सी रकम का बड़ा हिस्सा पूर्व विधायक मनीष कुंजाम और कुछ पत्रकारों को भी बांटी गई थी.
इस मामले में जाँच कर रही EOW और ACB ने DFO अशोक पटेल और अन्य अधिकारियों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया है. 8 अप्रैल 2025 में FIR दर्ज होने के बाद कार्यवाई में तेज़ी आई है.
विनीत पाठक का रिपोर्ट.
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