Chhattisgarh: कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए बड़ा ऐलान, कई योजनाओं-परियोजनाओं को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया, जिससे उन्हें राहत और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी.

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सरकार ने राज्य के विकास और किसानों के हित के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए. कैबिनेट ने विभिन्न विभागों से जुड़े योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी, ताकि राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके.
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान राज्य के किसानों के लिए विशेष पहल का ऐलान किया, जो उनके लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा. आइए जानते हैं इस बैठक के अहम फैसलों के बारे में विस्तार से...
कैबिनेट बैठक के अहम फैसले
1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया.
2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान साल 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.
3. मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. खरीफ विपणन साल 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीदारी
यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है.
बीते दो सालों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है. इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी.























