वंदे मातरम् विवाद: 'टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले...', मांझी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
Vande Matram Controversy: वंदे मातरम् को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. जीतन राम मांझी और रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला बोला, वहीं कांग्रेस ने BJP के आरोपों का जवाब दिया.

राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले अब संसद से पारित राष्ट्र गीत के भी टुकड़े करने की बात कर रहे हैं.
मांझी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते ये लोग नहीं सुधरे तो जनता इन्हें करारा जवाब देगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्र गीत का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है.
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मांझी का कांग्रेस पर बड़ा हमला
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार (20 अगस्त, 2026) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए लिखा कि वंदे मातरम् जैसे राष्ट्र गीत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे प्रयासों का करारा जवाब देगी. मांझी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है.
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी मुस्लिम लीग और तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने वंदे मातरम् के केवल दो छंद स्वीकार किए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों बाद भी कांग्रेस उसी पुराने प्रस्ताव को दोहरा रही है. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि भारत की आजादी, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है.
कांग्रेस ने BJP के आरोपों पर किया पलटवार
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में कांग्रेस की भूमिका रही है और संविधान निर्माण में भी कांग्रेस का योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का इतिहास क्या है, यह देश जानता है. अखिलेश प्रसाद सिंह ने दावा किया कि वंदे मातरम् के दो छंदों को लेकर लिया गया फैसला रविंद्र नाथ टैगोर की सहमति से हुआ था.
वंदे मातरम् को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
वंदे मातरम् को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. बीजेपी जहां इसे राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बता रही है, वहीं कांग्रेस पुराने ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देकर अपना पक्ष रख रही है. इस मुद्दे पर दोनों दलों के नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहे हैं और संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक बहस तेज हो गई है.
क्यों शुरू हुआ वंदे मातरम् पर विवाद?
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में झंडोत्तोलन के दौरान जब पूरा वंदे मातरम् बज रहा था, तब सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने गीत को रोकने का इशारा किया. इसी का वीडियो वायरल होने पर बीजेपी लगातार हमलावर है. हालांकि, कांग्रेस का तर्क है कि वे 1937 के कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के ऐतिहासिक प्रस्ताव का पालन कर रहे हैं, जिसके तहत राष्ट्रीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो छंद ही गाए जाते हैं. वहीं भाजपा नेताओं का आरोप है कि पूरा राष्ट्रगीत न गाना और बीच में गान रोकना वंदे मातरम् और देश के बलिदानियों का तिरस्कार है.
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