बेटे के MLC बनने पर उपेंद्र कुशवाहा बोले, 'ये फैसला तो...'
Deepak Prakash News: बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश के MLC नॉमिनेट होने पर RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है.

बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश के MLC के तौर पर नॉमिनेट होने पर RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ये फैसला तो उसी वक्त तय कर लिया गया था. इसे अब लागू किया गया है. इसमें कुछ भी नया नहीं है. फैसला पहले ही हो चुका था और अब उस पर अमल किया गया है."
जब उनसे पूछा गया कि इसमें बहुत लेट हो गया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. इस सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, ''इसमें लेट का क्या मामला है, इसमें कोई लेट नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ले जाने वाले जानें, उनसे जाकर पूछिए.''
Patna, Bihar: On Minister Deepak Prakash being nominated as an MLC, RLM National President and MP Upendra Kushwaha says, "This decision had already been taken at that time. It has only been implemented now. There is nothing new in it; the decision was made earlier and has now… pic.twitter.com/ifly7GlLG0
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
राज्यपाल ने दीपक प्रकाश को MLC के तौर पर किया नॉमिनेट
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बुधवार (05 अगस्त) को पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद (MLC) का सदस्य मनोनीत किया. इस संबंध में निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया. निर्वाचन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 171 के खंड (3) के उपखंड (ङ) तथा खंड (5) के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्यपाल ने दीपक प्रकाश को नॉमिनेट किया.
देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट
बीजेपी विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार ने हाल में इस्तीफा दिया था, जिसके बाद ये सीट खाली हुई थी और फिर दीपक प्रकाश को MLC के लिए नॉमिनेट किया गया. दीपक प्रकाश का कार्यकाल 16 मार्च, 2027 तक रहेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट चौधरी सरकार से मांगा था जवाब
बता दें कि बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए थे. शीर्ष कोर्ट ने बिहार सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा था कि किसी सदन का सदस्य नहीं होने के बावजूद दीपक प्रकाश मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं. संविधान के प्रावधानों के मुताबिक मंत्री नियुक्त किए जाने के 6 महीने के अंदर संबंधित व्यक्ति का विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है.
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