'शराबबंदी पूरी तरह फेल, 30 हजार करोड़ का काला कारोबार', RJD का दावा, सदन में चर्चा की मांग
Bihar Liquor Ban: आरजेडी MLA रणविजय साहू ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक जहरीली शराब से बिहार में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. यह सरकारी आंकड़ा है. असली आंकड़ा तो काफी अधिक है.

बिहार में शराबबंदी को लेकर फिर से सियासी घमासान छिड़ गया है. विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में RJD ने शराबबंदी का मुद्दा उठाया और इस कानून को पूरी तरह से फेल करार दिया. आरजेडी विधायक और पार्टी के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने कहा कि प्रशासन और शराब माफियाओं की मिलीभगत से 30 हजार करोड़ रुपये का समानांतर ब्लैक मार्केटिंग का कारोबार चल रहा है.
RJD विधायक रणविजय साहू ने सरकार को घेरते हुए कहा, ''हाल ही में 18 फरवरी 2026 को रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा सीवान, सारण और गोपालंगज में जहीरीली शराब पीने से 35 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हुई है.''
बिहार में शराबबंदी लागू कराने में प्रशासन विफल- आरजेडी
उन्होंने आगे कहा, ''बिहार में पुलिस प्रशासन पूर्ण शराब बंदी लागू कराने में विफल रहा है. यह कानून जमीन पर पूरी तरह से फेल है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक जहरीली शराब से बिहार में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. यह सरकारी आंकड़ा है. असली आंकड़ा तो काफी अधिक है. बिहार में 30 हजार करोड़ का शराब कारोबार चल रहा है. प्रशासन और शराब माफियाओं की मिलीभगत से 30 हजार करोड़ का समानांतर ब्लैक मार्केटिंग का शराब का कारोबार चल रहा है.''
शराबबंदी पर सदन में अविलंब चर्चा की मांग
आरजेडी नेता ने दावा करते हुए ये भी कहा कि विदेशी शराब की होम डिलीवरी से लेकर गली मोहल्ले में महुआ शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है. उत्पाद विभाग के द्वारा छोटे तस्करों को सिर्फ पकड़ा जा रहा है. जबकि कई बड़े सिंडिकेट काम कर रहे हैं. प्रशासनिक विफलता की कीमत गरीब लोग जान देकर चुका रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने शराब बंदी पर सदन में अविलंब चर्चा की मांग भी उठायी.
बीजेपी विधायक ने भी उठाई थी मांग
बता दें कि बिहार में 2016 से शराबबंदी लागू है. सत्तापक्ष विधायक भी शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर रहे हैं. बीजेपी विधायक विनय बिहारी ने कहा था कि शराबंबदी ठीक से लागू हो, नहीं तो पहले जैसा था वैसा कर दिया जाए. इस पर जेडीयू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि शराबबंदी में ढिलाई या छूट देने की बात या इसे समाप्त करने की बात पूरी तरह बेईमानी है. ऐसा संभव नहीं है.
Source: IOCL

























