18 साल से अधिक है उम्र फिर भी फ्री में होगा दिल में छेद वाले मरीजों का इलाज, नीतीश सरकार का ऐलान
Bihar News: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाल हृदय योजना के तहत चार वर्षों में अब तक 1,828 दिल में छेद वाले बच्चों (0-18 वर्ष) का सफल ऑपरेशन हुआ है. शीघ्र 18 से अधिक उम्र वालों का भी निशुल्क इलाज होगा.

Bihar News: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार (13 फरवरी) को कहा कि राज्य में दिल में छेद वाले 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का भी शीघ्र ही निशुल्क इलाज किया जाएगा. बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग और प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन, अहमदाबाद (श्री सत्य साईं हृदय, रोग संस्थान) के बीच बाल हृदय योजना के तहत द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण पर गुरुवार को सचिवालय स्थित स्वास्थ्य विभाग सभागार में हस्ताक्षर किया गया. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी उपस्थित थे.
समझौता ज्ञापन पर निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह एवं प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन, अहमदाबाद के मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी ने हस्ताक्षर किए. स्वास्थ्य मंत्री ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि चार वर्षों में इस योजना के तहत अब तक 1,828 दिल में छेद वाले बच्चों (0-18 वर्ष) का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है, जिसमें सत्य साईं हृदय अस्पताल अहमदाबाद ने 1,391 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया है.
नीतिगत सहमति दे दी गई... केवल कागजी प्रक्रिया बाकी
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जिनके दिल में छेद है उनका भी निशुल्क उपचार एवं शल्य चिकित्सा अहमदाबाद के श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल में प्रारंभ किया जाएगा. राज्यहित में इस प्रस्ताव को शीघ्र ही पारित कर दिया जाएगा. इस बात की नीतिगत सहमति दे दी गई है, अब केवल कागजी प्रस्ताव पारित किया जाना है.
18 से कम उम्र वालों को अभी प्रदान की जा रही सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिशा-निर्देश में बिहार सरकार ने सात निश्चय-2 के तहत राज्य में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए 2021 में बाल हृदय योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत, जन्मजात हृदय संबंधी जटिलताओं से पीड़ित 0-18 वर्ष के बच्चों को निशुल्क उपचार एवं शल्य चिकित्सा की सुविधा प्रदान की जा रही है.
उन्होंने कहा कि इसके लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान एवं इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान को विशेष स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. अब तक बाल हृदय योजना के तहत राज्य में कुल नौ स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें अनेकों बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें निशुल्क उपचार की सुविधा दी गई है.
इसके अलावा, राज्य से बाहर गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के निशुल्क इलाज के लिए गुजरात स्थित प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के साथ 13 फरवरी 2021 को एक समझौता किया गया था. इस एमओयू को पहले फरवरी 2023 में नवीनीकृत किया गया था, जिसकी अवधि 12 फरवरी 2025 को समाप्त हो गई. इसका पुनः आगामी दो वर्षों के लिए गुरुवार को नवीनीकरण किया गया है.
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Source: IOCL





















