'बिहार में शराबबंदी हटाने के लिए…', BJP के मंत्री का बड़ा बयान
NCAER Report: सूखे नशे पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि रिपोर्ट में बिहार का नंबर पूरे देश में 16 या 17 के बाद है. जहां शराब बिक रही है वहां बिहार से अधिक लोग सूखे का नशा कर रहे हैं.

एनसीएईआर (NCAER) की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है कि जिसमें यह कहा गया है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध में इजाफा हुआ है. शराब की जगह ड्रग्स और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ा है. राजस्व पर भी इसका असर हो रहा है. इस रिपोर्ट पर बुधवार (12 अगस्त, 2026) को बीजेपी नेता और बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है.
दिलीप जायसवाल ने कहा, "बिहार में शराबबंदी हटाने के लिए कुछ शराब माफिया और कुछ शराब प्रेमी लोग बहुत ही बचैन हैं."
'सूखे नशे का शराबबंदी से कोई मतलब नहीं'
एनसीएईआर (NCAER) की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा, "तीन तरह की रिपोर्ट आई है. पहली रिपोर्ट है सूखे नशे की लत बढ़ी है. रिपोर्ट में बिहार का नंबर पूरे देश में शायद 16 या 17 के बाद है. पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, सिक्किम में पांच से छह फीसद आबादी सूखे नशे की लत में है. बिहार में एक फीसद से भी कम है. यानी सूखे नशे का शराबबंदी से कोई मतलब नहीं है. जहां शराब बिक रही है वहां बिहार से अधिक लोग सूखे का नशा कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें- प्रशांत किशोर ने जनता का दिल तोड़ दिया, शिक्षा मंत्री ने ऐसा क्यों कहा?
महिलाओं के खिलाफ अपराध में इजाफा पर कहा, "मैं बता देना चाहता हूं कि शराब पीकर बाहर अपराध करने वालों में भी कमी आई है और बंद कमरे में शराब पीकर जो महिलाओं पर अत्याचार होता था उसमें भी कमी आई है. अब इस पर दलील नहीं चलेगी."
दिलीप जायसवाल ने कही अभियान चलाने की बात
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बिहार में शराबबंदी के चलते राजस्व पर भी असर पड़ा है. इस पर दिलीप जायसवाल ने कहा, "पैसा कमाने के लिए तब तो कहिएगा कि कोठा पर जाना भी अच्छा है. मीडिया को, सत्ता और विपक्ष को, एनजीओ से, कहना चाहता हूं कि एक अभियान चलाइए कि शराब पीना हानिकारक है. शराब पिलाकर क्या विकास करना चाहते हैं?"
यह भी पढ़ें- नीतीश कुमार हटे, अब शराबबंदी की बारी? पार्टियों ने बताया स्टैंड





















