पटना में कितने हॉस्टल रजिस्टर्ड? कितने अवैध? राज्य महिला आयोग ने DM से मांगी रिपोर्ट
Patna NEET Student Death Case: राज्य (बिहार) महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा कुमारी ने कहा कि हम लोग लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं. पूरे बिहार में घूमेंगे. जहां जरूरत होगी सरकार से मदद लेंगे.

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट की छात्रा की मौत मामले में एक तरफ जहां राजनीति गरमाई है तो दूसरी ओर एसआईटी जांच कर रही है. इसी क्रम में मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को राज्य महिला आयोग की ओर से पटना जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा गया और गर्ल्स हॉस्टल से संबंधित कई जानकारियों को मांगा गया है.
राज्य (बिहार) महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज (मंगलवार) पटना डीएम को लिखे गए पत्र में यह जानकारी मांगी गई है कि गर्ल्स हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन का क्या प्रावधान है? पटना में कितने गर्ल्स हॉस्टल हैं जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया है? कितने अवैध तरीके से चल रहे हैं?
'पोषण की क्या व्यवस्था? हॉस्टल में कितने गार्ड?'
इसके अलावा पत्र के जरिए इसकी भी जानकारी मांगी गई है कि जो हॉस्टल चल रहे हैं वहां कितने क्षेत्रफल में लड़कियों के रहने की व्यवस्था है और कितनी लड़कियों पर कितना क्षेत्रफल का आवासीय होना चाहिए. लड़कियों को हॉस्टल में उनके पोषण की क्या व्यवस्था है? खाने-पीने की क्या व्यवस्था है? कितनी लड़कियों पर कितने गार्ड होने चाहिए? किस हॉस्टल में कितनी सुरक्षा-व्यवस्था है?
लगातार चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
अप्सरा कुमारी ने कहा कि राज्य महिला आयोग नीट छात्रा के साथ हुई घटना के बाद से तत्पर है. जब आयोग के संज्ञान में यह बात आई तो हम लोगों ने अधिकारियों से बात की, और अब एसआईटी का गठन हो गया है. सरकार काम कर रही है पुलिस जल्द ही इसके बारे में रिपोर्ट देगी. उन्होंने यह भी कहा कि महिला और लड़कियां कैसे सुरक्षित हों इसको लेकर भी आयोग तत्पर रहता. हम लोग लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं. गयाजी से शुरुआत भी की गई है. पूरे बिहार में हम लोग घूमेंगे. जहां जरूरत होगी वहां सरकार से मदद लेंगे.
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Source: IOCL


























