Bihar News: बिहार में प्रति व्यक्ति आय 76 हजार? CM नीतीश कुमार के मंत्री ने दी ये बड़ी जानकारी
Bihar Per Capita Income: वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि वृद्धि दर के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है, जबकि तमिलनाडु पहले स्थान पर है. पढ़िए उन्होंने और क्या कहा है.

नीतीश सरकार में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार (02 फरवरी, 2026) को कहा कि बिहार देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है और राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 76 हजार रुपये हो गई है. वृद्धि दर के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है, जबकि तमिलनाडु पहले स्थान पर है.
उन्होंने कहा, "बिहार की आर्थिक वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय दर 7.3 प्रतिशत से काफी अधिक है. सरकार का ध्यान औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित है. राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने के उद्देश्य से पूर्व मुख्य सचिव नवीन कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसे छह माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है."
औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन पर सरकार का ध्यान
वित्त मंत्री ने कहा, "आर्थिक नीति के तहत सरकार ने शुरुआती 10 वर्षों में बिजली और सड़क अवसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया. अब सरकार का जोर औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन पर है, ताकि राज्य के लोगों की आय में तेजी से वृद्धि हो सके."
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच राज्य की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है. इस अवधि में द्वितीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 21.1 प्रतिशत से बढ़कर 26.8 प्रतिशत हो गई, जिसका मुख्य कारण निर्माण और विनिर्माण क्षेत्रों का विस्तार है. वहीं प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी 21.9 प्रतिशत से घटकर 18.3 प्रतिशत और तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत से घटकर 54.8 प्रतिशत रह गई. उन्होंने कहा कि यह बदलाव राज्य की अर्थव्यवस्था में बढ़ते विविधीकरण को दर्शाता है.
राजकोषीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार का कुल व्यय 1.66 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 2.82 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इस दौरान पूंजीगत व्यय का अनुपात 15.8 प्रतिशत से बढ़कर 22.3 प्रतिशत हो गया, जबकि राजस्व व्यय का अनुपात घटा है. राज्य की कुल राजस्व प्राप्ति 1.28 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.18 लाख करोड़ रुपये हो गई है और कर राजस्व की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से बढ़कर 84 प्रतिशत हो गई है.
धान, गेहूं के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में योगदान 23.1 प्रतिशत रहा है. धान, गेहूं और मक्का के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ दूध, अंडा और मछली उत्पादन में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि किसानों के घर तक बीज पहुंचाने की व्यवस्था लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है.
वित्त मंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर बिहार आर्थिक समीक्षा 2025-26 राज्य की अर्थव्यवस्था की सकारात्मक और भविष्य उन्मुख तस्वीर प्रस्तुत करता है. उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक स्थिरता, क्षेत्रीय विविधीकरण, बढ़ता निवेश, मानव पूंजी का विकास, रोजगार सृजन और सतत अवसंरचना विकास बिहार की प्रगति के मजबूत आधार हैं.
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