बिहार: प्रेमी का पेट फाड़ा… प्राइवेट पार्ट काटा, अब प्रेमिका सहित 4 दोषियों को उम्रकैद
Mannu Kumar Murder Case: यह पूरा मामला मार्च 2019 का है. अगरेर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में मर्डर हुआ था. अब करीब सात साल के बाद कोर्ट की ओर से फैसला आया है.

रोहतास के मन्नु कुमार हत्याकांड में प्रेमिका सहित चार दोषियों को जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. चार दोषियों में प्रेमिका के अलावा उसका पति, भाई और उसके पिता हैं. हर दोषी पर 5-5 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. बीते बुधवार (21 जनवरी, 2026) को कोर्ट का फैसला आया था. इसके बाद गुरुवार (22 जनवरी, 2026) को अभियोजन पदाधिकारी की ओर से मीडिया को जानकारी दी गई.
साल 2019 का है मामला
दरअसल यह पूरा मामला मार्च 2019 का है. मन्नु कुमार को उसकी प्रेमिका ने मिलने के लिए बुलाया था. इसके बाद जब मन्नु पहुंचा तो उसका पेट चाकू से फाड़ दिया गया था. उसके प्राइवेट पार्ट को काट दिया गया था. अब करीब सात साल के बाद दोषियों को सजा हुई है. दंडित आरोपितों में सुमन देवी, दूधेश्वर चौधरी, फूलचंद चौधरी और प्रकाश चौधरी उर्फ प्रभाकर हैं. ये सभी भगवानपुर गांव के हैं.
मन्नु के पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत
घटना के बाद अगरेर थाने में मन्नु के पिता ने प्राथमिकी (कांड संख्या 23/2019) दर्ज कराई थी. ट्रायल जिला जज-4 की अदालत में चल रहा था. अभियोजन पक्ष के अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि घटना 5 मार्च 2019 को घटी थी. उस दिन शाम करीब 7:20 बजे मन्नु कुमार खाना खाकर घर से बाहर गया और देर रात तक वापस नहीं लौटा.
परिजनों ने उसकी खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. अगले दिन सुबह गांव के ही एक व्यक्ति ने खेत में मन्नु का शव देखे जाने की सूचना दी. शव की पहचान परिजनों ने की थी. शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे. अभियोजन के अनुसार हत्या का कारण अवैध संबंध बताया गया. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई. गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया.
प्रेमिका ने ही फोन कर बुलाया था
बताया गया कि वारदात से दो दिन पहले सुमन ने अपने पति के साथ प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से अपने मायके भगवानपुर आई थी. 4 मार्च 2019 की शाम सुमन ने ही फोन कर मन्नु को मिलने के लिए बुलाया. मन्नु बिना किसी को बताए घर से निकला, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा. अगले दिन 5 मार्च को उसका क्षत-विक्षत शव सरसों के खेत से मिला.
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